JPSC विवाद में छात्रों का उग्र तेवर, सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी






रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं के माध्यम से चयनित कर्मियों की नियुक्तियां रद्द करने से जुड़ी राज्य सरकार की अधिसूचनाओं के अमल पर रोक लगा दी है। इसके बाद छात्र संगठनों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों की मांग मानने की बात कही थी, लेकिन अब स्थिति अलग दिख रही है। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच सरकार को 60 दिन का समय दे चुका है और जरूरत पड़ी तो बड़ी संख्या में छात्रों को आंदोलन के लिए बुलाया जाएगा।


छात्र नेता पीयूष कुमार ने भी सरकार पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने हाईकोर्ट में सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल के उपस्थित नहीं होने पर सवाल उठाए और कहा कि अगला कदम जल्द घोषित किया जाएगा। उन्होंने शुक्रवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की घोषणा की। छात्रों ने यह भी कहा कि आगे का आंदोलन संवैधानिक तरीके से किया जाएगा।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने राज्य सरकार को 15 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत के आदेश के बाद संबंधित याचिकाकर्ता और कर्मचारी फिलहाल अपने पदों पर बने रहेंगे। इससे पहले भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर करीब 25 दिनों तक आंदोलन चला था, जिसके बाद 18 अगस्त को राज्य सरकार ने 2014 से आयोजित 22 परीक्षाएं रद्द करने और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने का निर्णय लिया था.


