सरकारी आदेश बेअसर, 15 दिन बाद भी कनीय अभियंता संभाल रहे जिला अभियंता का प्रभार






हजारीबाग : झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा जिला परिषदों में अभियंताओं के पदस्थापन और प्रभार को लेकर जारी आदेश का कई जिलों में अब तक पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया था कि कार्यपालक अभियंता से कनीय स्तर के अधिकारियों को प्रभारी जिला अभियंता की जिम्मेदारी से मुक्त कर उनके मूल पद पर ही कार्यरत माना जाएगा। साथ ही संबंधित जिलों में विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता स्तर के अधिकारी को जिला अभियंता का प्रभार देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई जगह पुरानी व्यवस्था अब भी जारी है।


विभागीय अधिसूचना वित्त विभाग के 19 मई 2026 के परिपत्र के आलोक में जारी की गई थी और इसे विभागीय मंत्री की स्वीकृति भी प्राप्त है। आदेश के अनुसार जहां सहायक अभियंता प्रभारी जिला अभियंता के रूप में काम कर रहे हैं, वहां कार्यपालक अभियंता स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जानी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही कनीय स्तर के अभियंताओं की प्रभारी जिला अभियंता के रूप में मिली शक्तियां समाप्त मानी गई हैं। इसके बावजूद कई जिलों में वही अधिकारी प्रशासनिक और वित्तीय दायित्व निभाते दिखाई दे रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल वित्तीय अधिकारों को लेकर उठ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ जिलों में ऐसे अधिकारी भी वित्तीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, जिनकी जिला अभियंता के रूप में शक्तियां समाप्त हो चुकी हैं। इससे सरकारी आदेश के अनुपालन और संबंधित वित्तीय फैसलों की वैधानिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब निगाह पंचायती राज विभाग पर है कि वह कब तक सभी जिलों में वरिष्ठ स्तर के कार्यपालक अभियंताओं को जिला अभियंता का प्रभार सौंपकर आदेश को पूरी तरह लागू कराता है।


