कुलाधिपति प्रभाकर सिंह का विद्यार्थियों से आह्वान, बोले—डिग्री के साथ कौशल और आत्मविश्वास भी जरूरी



घाटशिला : सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। ज्ञान के साथ कौशल, अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति सफलता की वास्तविक आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि आज रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और नई-नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को अपनी क्षमता को पहचानते हुए नए कौशल सीखने और स्वयं को समय के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है।
कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के प्रत्येक अवसर को गंभीरता से लें और अपने ज्ञान एवं कौशल का विकास करें। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के बाद केवल रोजगार की तलाश करने वाले न बनें, बल्कि रोजगार के योग्य एवं आत्मनिर्भर युवा बनें।
श्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय और अनुदीप फाउंडेशन के बीच हुआ यह समझौता युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी होगी कम
इस समझौते से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, व्यवहारिक ज्ञान, संचार क्षमता और आत्मविश्वास का विकास किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के सहयोग से शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी तथा विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिलेगी।
यह समझौता 4 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्रीमती मोनिका सिंह, प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती पूजा तिवारी, श्री संजीव कुमार, रीजनल मैनेजर, श्री राजू मिश्रा, सीनियर मैनेजर-प्लेसमेंट तथा भावेश कांति, क्लस्टर मैनेजर सहित विश्वविद्यालय एवं अनुदीप फाउंडेशन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सोना देवी विश्वविद्यालय ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा एवं महिलाएं लाभान्वित होंगे। यह पहल विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य, आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।




