सोना देवी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को दी गई फायर सेफ्टी की जानकारी

घाटशिला: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विवेकानन्द ऑडिटोरियम में आज विद्यार्थियों को फायर सेफ्टी की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुआ, कुलसचिव डॉ. नित नयना तथा विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित घाटशिला के फायर ऑफिसर रामाशिष राम ने विद्यार्थियों को आग लगने के कारणों, उससे बचाव के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले के सभी शिक्षण संस्थानों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
फायर ऑफिसर रामाशिष राम ने बताया कि आग लगने की घटनाओं को तीन श्रेणियों—ए, बी एवं सी—में विभाजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सामान्य आग, तेल, गैस तथा बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग के कारण और उनसे बचाव के तरीके अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि आग कहीं भी लग सकती है, चाहे वह भवन हो, भीड़भाड़ वाला स्थान, वाहन, अस्पताल या शिक्षण संस्थान, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का सतर्क और जागरूक रहना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को भवनों में स्मोक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर अथवा फायर डिटेक्टर लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। हाल के वर्षों में हुई विभिन्न अग्निकांड की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सभी शिक्षण संस्थानों एवं बहुमंजिला इमारतों में फायर सिस्टम लगाना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि किसी भी अग्निकांड की जांच एवं उसके कारणों को समझने के लिए घटना के समय की सही जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने वाहन में आग लगने की स्थिति में ऑटोमैटिक लॉक सिस्टम की भी जानकारी दी तथा अग्निशमन यंत्र के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की विधि समझाई। उन्होंने कहा कि अग्निशमन यंत्र का प्रयोग करते समय आग से उचित दूरी बनाए रखना तथा हवा की दिशा का ध्यान रखना आवश्यक है।
विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए श्री रामाशिष राम ने कहा कि आग अचानक नहीं लगती, बल्कि उसके पीछे कई कारण होते हैं। उन्होंने बताया कि टूटे हुए दर्पण के टुकड़ों से भी आग लगने की संभावना रहती है, इसलिए उन्हें खुले स्थानों पर नहीं फेंकना चाहिए। उन्होंने आपात स्थिति में टोल-फ्री नंबर 112 पर कॉल कर तुरंत सूचना देने की भी अपील की।


