70 साल से सड़क का इंतजार, तालाब विवाद और सरकारी जमीन की जांच की मांग, ग्रामीणों ने सीओ को सौंपा ज्ञापन

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Saraikela :गम्हरिया प्रखंड के उत्तमडीह गांव की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सोमवार को ग्रामीण समाजसेवी अशीम महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे. ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांव की लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. ग्रामीणों ने बताया कि उत्तमडीह की हीरजन बस्ती आज भी सड़क सुविधा से वंचित है. सड़क नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन, बच्चों की पढ़ाई और बीमारों को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बरसात के मौसम में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं. उनका कहना है कि वर्षों से तालाब के किनारे बने रास्ते का उपयोग किया जाता था, लेकिन हाल में रास्ता बाधित होने के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है. ज्ञापन में ग्रामीणों ने तालाब से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया. उनका आरोप है कि तालाब के उपयोग के दौरान कुछ लोगों द्वारा जातीय भेदभाव किया जाता है. साथ ही बिना किसी स्पष्ट कारण के तालाब का पानी निकाल देने से ग्रामीणों और पशु-पक्षियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने उत्तमडीह फुटबॉल मैदान के समीप स्थित वन भूमि एवं सरकारी जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री की भी जांच कराने की मांग उठाई. उनका कहना है कि यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या लेन-देन हुआ है तो इसकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. समाजसेवी अशीम महतो ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी यदि किसी बस्ती तक सड़क नहीं पहुंची है, तो यह विकास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. उन्होंने प्रशासन से सड़क निर्माण, तालाब विवाद और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई की मांग की. ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.

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