बिजली संकट से महुआडांड़ की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित, गिरते परीक्षा परिणामों पर ग्रामीण चिंतित


महुआडांड़ (लातेहार) : महुआडांड़ अनुमंडल में लगातार खराब होती बिजली व्यवस्था का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के गिरते परिणामों के पीछे रात में लंबे समय तक बिजली गुल रहना एक बड़ा कारण बनता जा रहा है।

क्षेत्र के कई गांवों में शाम होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इनवर्टर या जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाते, जिसके कारण बच्चों को अंधेरे में पढ़ाई करनी पड़ती है। अभिभावकों ने चिंता जताई कि लगातार बाधित हो रही पढ़ाई का सीधा असर बच्चों के भविष्य और परीक्षा परिणामों पर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कभी महुआडांड़ क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था विद्यार्थियों की मेहनत और शैक्षणिक प्रगति में बाधा बन रही है।
ग्रामीणों ने संदीप कुमार से बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में शिक्षा का स्तर और अधिक प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए रात के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चे बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकें और महुआडांड़ फिर से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान कायम कर सके।


