3 करोड़ से ज्यादा के बैंक फ्रॉड में सजा, CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, 4 दोषियों पर कार्रवाई


मुंबई : फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) के जरिए बैंक ऑफ इंडिया को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचाने वाले मामले में CBI की विशेष अदालत ने चार लोगों को सजा सुनाई है। यह मामला साल 2012 का है, जिसमें निजी कंपनी इन्फिनिटी ट्रांसमिशन के मालिक हरित मेहता को 5 साल की जेल और 3.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है। वहीं कंपनी के डायरेक्टर अभय मेहता को भी 5 साल की सजा के साथ 1 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया।


इसके अलावा बैंक के पूर्व अधिकारी मनोजकुमार माथुर और एक अन्य आरोपी इलेश शाह को 3-3 साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने सभी को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश (IPC की धारा 420, 467 और 120-बी) के तहत दोषी ठहराया। यह पूरा मामला 20 जुलाई 2009 को जारी एक फर्जी LC से जुड़ा था, जिसे HDFC बैंक के नाम पर जारी दिखाया गया और बैंक ऑफ इंडिया की नरीमन प्वाइंट शाखा में इस्तेमाल कर रकम निकाली गई, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।



