मुस्लिम वोटों की एकजुटता से BJP की चिंता बढ़ी, बंगाल में ममता को चौथे कार्यकाल की उम्मीद


नई दिल्ली : आगामी विधानसभा चुनावों के बीच असम और पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरण पर नया अध्याय खुलता दिख रहा है। असम में मुस्लिम मतदाताओं की एकजुटता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए चिंता का विषय बना दिया है, क्योंकि इससे चुनाव परिणाम पर बड़ा असर पड़ सकता है। आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक दल स्थिति को भाँपने की कोशिश कर रहे हैं और मतदाताओं के रुझानों पर खास नजर रखी जा रही है।

वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नज़र चौथे कार्यकाल पर टिकी है। तटीय राज्य में उनकी सामाजिक कल्याण योजनाओं और विभिन्न प्रोत्साहन उपायों को व्यापक समर्थन मिल रहा है और इससे टीएमसी को चुनावी मैदान में मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ताजा ओपिनियन पोल में दिखाया गया है कि ममता की पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है और बहुमत की राह पर आगे बढ़ सकती है।



