एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा में बड़ी चूकः लापता मरीज साकची कोर्ट के पास मिला, विमल बैठा ने उठाई ‘ड्रेस कोड’ लागू करने की मांग


Jamshedpur: शहर के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. बागबेड़ा निवासी एक मरीज के रहस्यमय ढंग से गायब होने और अगले दिन साकची के पुराने कोर्ट परिसर में मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता विमल बैठा ने मरीजों की सुरक्षा और पहचान के लिए ‘ड्रेस कोड’ अनिवार्य करने की मांग की है.

खाना बनाने के दौरान झुलसा था मरीज
बागबेड़ा निवासी महेश प्रमाणिक ने बताया कि उनका भाई अरुण प्रमाणिक 8 मार्च को परसुडीह सोपोडेरा में खाना बनाने के दौरान झुलस गया था, जिसके बाद उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया. 9 मार्च की रात करीब 11 से 12 बजे के बीच अरुण अचानक अपने वार्ड से लापता हो गया. परिजनों ने पूरी रात अस्पताल के कोने-कोने में उसे तलाशा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. थक-हारकर परिजनों ने एमजीएम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.



