मिर्जापुर के 32 श्रमिक इजराइल में युद्ध के बीच बंकरों में शरण ले रहे, परिवारों में चिंता बढ़ी


मिर्जापुर : अमेरिका और इज़राइल तथा ईरान के बीच जारी युद्ध के तनाव के बीच यहाँ के करीब 32 श्रमिक इज़राइल में काम कर रहे हैं और उन्हें रोजाना सायरन की आवाज पर बंकरों में शरण लेनी पड़ रही है। उन्होंने अपने परिजनों से फोन पर बताया कि कई बार दिन में 15–16 बार अलार्म बजता है। इसके बाद सभी सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं।

श्रमिकों ने कहा है कि कुछ मौकों पर उन्होंने तेल अवीव के आसमान में मिसाइलें भी देखी हैं, लेकिन वहां की इंटरसेप्ट मिसाइल प्रणाली उन्हें निशाना बनने से रोक रही है। बावजूद इसके बंकरों में जाना उनकी रोजमर्रा की जरुरत बन गया है। इस्राइल में बसे इन मजदूरों ने बताया कि जब भी सायरन बजता है, तो वे तुरंत अपने कार्यस्थल से निकलकर तैयार बंकरों में चले जाते हैं। कई बार कामगारों को अपने घरों के बाहर भी खड़े रहकर अलार्म सुनना पड़ा है। स्थानीय कंपनियां और सुरक्षा तंत्र लगातार उन्हें सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
यह खबर सुनते ही मिर्जापुर के घरों में चिंता का माहौल है। परिजन अपनी जान की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं और लगातार मजदूरों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। कई ने सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए मदद का आग्रह भी किया है, ताकि संकट के बीच वे जल्दी घर लौट सकें। स्थिति के कारण उन इलाकों में जहां भारतीय कामगार हैं, बंकरों और सुरक्षित आश्रयों को पहले से तैयार किया गया है, ताकि लोगों को किसी भी अप्रत्याशित मिसाइल हमले से पहले सुरक्षित किया जा सके।



