पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 की उम्र में निधन, बंगाल राजनीति का एक बड़ा क्षति


कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का सोमवार तड़के निधन हो गया है। वे 71 वर्ष के थे और कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। रॉय पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे। मुकुल रॉय भारतीय राजनीति के जाने-माने चेहरे थे। उन्होंने शुरुआत यूथ कांग्रेस से की और बाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संस्थापक सदस्यों में शामिल होकर पार्टी को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाई। वह लंबे समय तक ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में 2011-12 में रेल मंत्रालय सहित अन्य विभागों में राज्य मन्त्री के रूप में भी सेवा की। रॉय को कभी पश्चिम बंगाल की राजनीति का “चाणक्य” भी कहा जाता था। राजनीतिक जीवन में उन्होंने TMC से बाहर निकले, फिर बीजेपी में शामिल हुए और बाद में वापस TMC में लौटे। उनके राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन वह दोनों पार्टियों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे।राज्य और देश के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। रॉय के लंबे राजनीतिक करियर और संगठनात्मक कौशल को याद करते हुए कई ने उन्हें बंगाल की राजनीति का एक निर्णायक व्यक्तित्व बताया है।




