टाटा स्टील बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले, लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रेटेजी और अधिग्रहणों को मंजूरी

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जमशेदपुर: टाटा स्टील की बोर्ड बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 की नौमाही और तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी गई। बैठक के दौरान कंपनी के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

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बोर्ड बैठक में रुजिवालिका इनवेस्टमेंट लिमिटेड के समायोजन को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही टाटा स्टील यूके और नीदरलैंड में प्रस्तावित बदलावों को भी मंजूरी प्रदान की गई। बोर्ड ने त्रिवेणी पिलेट प्राइवेट लिमिटेड के टेकओवर को भी हरी झंडी दे दी है।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए चार लेबर कोड को लेकर विस्तृत अध्ययन के बाद ही उन्हें लागू किया जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि लेबर कोड को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसके लिए पहले ही आवश्यक अध्ययन किया जा चुका है।

टाटा स्टील बोर्ड ने भारत में कंपनी के कारोबार के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रेटेजी को भी मंजूरी दी। इसके तहत आने वाले समय में वॉल्यूम ग्रोथ, वैल्यू-एडेड डाउनस्ट्रीम पोर्टफोलियो के विस्तार और भारत के बिजनेस की जरूरतों को पूरा करने के लिए चिन्हित माइनिंग एसेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कंपनी भविष्य में सस्टेनेबल स्टील उत्पादन को प्राथमिकता देगी और इसके लिए दुनिया की नई लो-कार्बन और लो-कैपिटल इंटेंसिटी प्रोसेस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर काम किया जाएगा।

बोर्ड बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि टाटा स्टील ने टाटा ब्लूस्कोप का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिसके बाद कंपनी का नाम बदलकर टाटा स्टील कलर्स प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया है। इसके साथ ही कलर-कोटेड बिजनेस में कंपनी की हिस्सेदारी भी बढ़ाई गई है।

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इसके अलावा, टाटा स्टील ने त्रिवेणी पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड में 50.01 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस कंपनी के पास ब्राह्मणी रिवर पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी है। इन फैसलों को टाटा स्टील के भविष्य के विस्तार और स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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