भारत चीन को करेगा रिप्लेस, अमेरिका ने टैरिफ के बाद दी एक और गुड न्यूज


Delhi: दुनिया की ताकत अब सिर्फ तेल से नहीं, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स से तय होगी. इस दिशा में एक बड़ा बदलाव सामने आया है. अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों के साथ मिलकर एक नया अंतरराष्ट्रीय खनिज समूह बनाने की शुरुआत की है. इसका मकसद चीन की उस पकड़ को तोड़ना है, जो फिलहाल रेयर अर्थ और जरूरी खनिजों की सप्लाई पर लगभग 90 प्रतिशत तक काबिज है.पहल के तहत दो बड़े मंच बनाए गए हैं. पहला है FORGE, जो पहले के मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप की जगह लेगा. इसका उद्देश्य खनिजों की कीमत और सप्लाई को सुरक्षित और स्थिर बनाना है. फिलहाल इसकी जिम्मेदारी दक्षिण कोरिया को दी गई है. दूसरा मंच है Pax Silica, जो सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक उद्योगों के लिए जरूरी खनिजों की सप्लाई को चीन से हटाकर भरोसेमंद देशों तक पहुंचाने पर काम करेगा. इसमें भारत को एक मजबूत स्तंभ माना गया है.इसके पहले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैक्स 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इससे भारत में बनी बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ेगा. इसके अलावा अमेरिका ने Project Vault की घोषणा की है, जिसके तहत एक रणनीतिक खनिज भंडार बनाया जाएगा ताकि किसी आपात स्थिति में फैक्ट्रियों का काम न रुके.




