31 जनवरी को शुक्र अस्त, 4 फरवरी से शुरू होंगे विवाह के शुभ मुहूर्त, 2026 में 81 दिनों तक बजेगी शहनाई


Jamshedpur: वर्ष 2026 में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों को लेकर शुभ मुहूर्त की स्थिति स्पष्ट हो गई है। ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार 31 जनवरी 2026 को शुक्र ग्रह अस्त हो रहे हैं, जिसके कारण विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर अस्थायी रोक लग जाएगी। हालांकि 1 फरवरी से मांगलिक कार्य पुनः आरंभ हो जाएंगे, जबकि 4 फरवरी 2026 से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। इस वर्ष फरवरी से अप्रैल के बीच करीब 81 दिनों तक लगातार शहनाई बजने का शुभ संयोग बन रहा है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 4 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 तक विवाह के लिए अत्यंत अनुकूल समय रहेगा। इस अवधि में बड़ी संख्या में शुभ तिथियां उपलब्ध होंगी, जिससे विवाह समारोहों में तेजी आने की संभावना है। लंबे अंतराल के बाद लगातार इतने दिनों तक शुभ योग बनने से विवाह से जुड़े बाजार और सेवाओं में भी रौनक देखने को मिलेगी।
पंचांग के मुताबिक फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 में कई तिथियां विवाह के लिए उपयुक्त हैं। फरवरी माह में 4, 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24 और 26 फरवरी को विवाह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। मार्च में 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च तथा अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27 और 28 अप्रैल को विवाह के योग बताए गए हैं।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 13 अप्रैल के बाद ग्रहों की स्थिति में बदलाव के कारण विवाह के शुभ मुहूर्त पर विराम लगेगा। इसके पश्चात देवशयनी एकादशी और चातुर्मास की अवधि आरंभ होने से विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाएंगे। वर्ष के शेष महीनों में सीमित तिथियों पर ही विवाह के योग उपलब्ध रहेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्र ग्रह को विवाह, प्रेम और वैवाहिक सुख का प्रमुख कारक माना जाता है। शुक्र के अस्त होने की अवधि में विवाह निषिद्ध माने जाते हैं, जबकि उनके उदय के साथ ही पुनः शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। ऐसे में 4 फरवरी 2026 से एक बार फिर वैवाहिक आयोजनों की रौनक लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।




