पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने किया UGC का विरोध

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Delhi: यूजीसी के नए कानून को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. इसी बीच BJP के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस कानून का खुलकर विरोध किया है. उनका बयान न केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया है, बल्कि गांव और समाज की जमीनी सच्चाइयों से जुड़ा हुआ एक सशक्त संदेश भी माना जा रहा है. बृज भूषण शरण सिंह ने अपने पोस्ट में कहा कि उनके घर के बच्चे आज भी ओबीसी बच्चों और दलित बच्चों के साथ खेलते हैं और उनके घर में बना भोजन सभी बच्चे एक साथ बैठकर खाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी कानून, आदेश या अधिनियम के तहत नहीं होता, बल्कि यह सदियों से चली आ रही सनातन परंपरा है, जो समाज की नस-नस में रची-बसी है.

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उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका दर्शन स्पष्ट था- जो समाज में पीछे है, उसे आगे लाना है, न कि समाज को खांचों में बांटना. बृज भूषण शरण सिंह के मुताबिक यूजीसी का यह नया कानून समाज में समझ और संवेदना का टकराव पैदा करेगा, जिससे भाईचारे की जड़ें कमजोर होंगी.अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर संदेश जारी कर उन्होंने कहा, ‘मेरे घर के बच्चे ओबीसी और दलित बच्चों के साथ खेलते हैं, मेरे घर का खाना साथ बैठकर खाते हैं. यह किसी कानून से नहीं चलता, यह हमारी सनातन परंपरा है. पंडित दीनदयाल जी ने कहा था ‘जो नीचे हैं, उन्हें ऊपर लाना है, समाज को बांटना नहीं है.

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