CM योगी के ‘कालनेमी’ बयान पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद,

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमी’ वाले बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शंकराचार्य ने योगी पर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कालनेमी कौन है, अब देश की जनता को पता चल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हम कोई सुख नहीं भोग रहे हैं, जबकि योगी राज गद्दी पर बैठे हैं। यह विवाद माघ मेला में स्नान को लेकर शुरू हुआ था, जो अब असली-नकली संत और सनातन धर्म तक पहुंच गया है। शंकराचार्य मौनी अमावस्या से ही संगम किनारे धरने पर बैठे हैं और उन्होंने बसंत पंचमी का स्नान न करने का ऐलान किया है।उन्होंने आगे कहा कि हम लोग सदा अच्छा ही सोचते हैं. देश की जनता को कुंभ और माघ मेले का इतिहास तो पता चल रहा है. लोगों को लगने लगा था कि मोदी जी और योगी जी के आने के बाद से मेला लगने लगा. इतिहास पढ़ने पर पता चला कि मुगल यहां सेना लगा चुके थे. शंकराचार्य ने पेशवाओं के साथ आक्रमण किया और सनातनियों के साथ स्नान किया. उसके बाद से उन्होंने हर साल यहां आने का नियम बनाया. उन्होंने हिम्मत दिखाई. जिन शंकराचार्यों ने माघ मेला शुरू किया, उनके रथ को रोक रहे हो. आज की सरकार शंकराचार्य के योगदान को विखंडित करना चाहती है. वो चाहती है कि शंकराचार्य उनके कार्यकर्ता बन जाएं.वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य विवाद को लेकर माघ मेला में आए श्रद्धालुओं के साथ चौपाल भी की गई. इसमें कुछ लोगों ने कहा कि दोनों लोग को बीच का रास्ता निकाल लेना चाहिए तो और इतना विवाद नहीं बढ़ना चाहिए था, वहीं कुछ ने कहा कि शंकराचार्य के साथ गलत हुआ. लोगों का कहना है कि शंकराचार्य के बटुकों के साथ गलत हुआ जिस तरीके से उनके शिखा खींची गई वो ग़लत है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि शंकराचार्य ने गलत किया और उनको पुलिस की बात मान लेनी चाहिए थी और उनको पैदल जाना चाहिए था अगर वो ये करेंगे तो ऐसी स्थितियां उत्पन्न होनी हैं. कुछ ने तो उन्हें कांग्रेसी तक बता दिया.

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