शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन दूसरे दिन भी जारी


प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन दूसरे दिन भी जारी है. वह रविवार दोपहर से ही अपने शिविर में अनशन पर बैठे हुए हैं और लगातार प्रशासन से गंगा स्नान को लेकर अपनी मांग पर अड़े हैं. शंकराचार्य की मांग है कि पुलिस और प्रशासन उन्हें पूरे प्रोटोकॉल के साथ संगम नोज तक ले जाकर गंगा स्नान कराए. इसी मुद्दे को लेकर आज दोपहर 12 बजे वह अपने शिविर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे.मेले में शंकराचार्य के अनुयायी और समर्थक प्रदर्शन करते रहे। मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगी राज ने बताया- शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी भी उनसे मिलने नहीं आया। सुबह उन्होंने अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया। शंकराचार्य 12 बजे कल की घटना पर मीडिया से बातचीत करेंगे।
वहीं, मौनी अमावस्या पर 4 करोड़ 52 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज शहर इस आंकड़ों के हिसाब से रविवार को पूरी दुनिया के शहरों के हिसाब से सबसे बड़ी आबादी वाला शहर रहा। हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला शहर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता है।माघ मेले में रविवार को स्नान के लिए आए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने और पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे। शिष्यों-पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। एक साधु को चौकी में पीटा। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए। शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए। अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े, लेकिन वे नहीं माने। करीब 2 घंटे तक गहमा-गहमी रही।
शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी. दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए। बाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठ गए।
प्रयागराज के DM मनीष कुमार वर्मा ने कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना इजाजत पालकी पर आए थे। उस समय संगम पर बहुत ज्यादा भीड़ थी। उनके समर्थकों ने बैरियर तोड़े, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की। हम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।




