सड़क सुरक्षा कानून को लागू करने में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका : पूर्व उपायुक्त गणेश कुमार


Saraikela :आदित्यपुर अधिवक्ता संघ और झारखंड लीगल एडवाइजरी डेवलेपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने वनभोज के बहाने सड़क सुरक्षा पर गोष्ठी की. जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त जामताडा के पूर्व डीसी गणेश कुमार ने कहा कि आज सड़क दुर्घटना की जो आंकड़े हैं वह भयावह है. ऐसे में सड़क सुरक्षा के लिए जो क़ानून बने हैं उसे लागू करवाने में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका होगी. हालांकि जिला स्तर पर कमेटी बनी हुई है लेकिन आज भी जागरूकता की कमी है जिसके वजह से सड़क दुर्घटना में कमी नहीं आ रही है. दुर्घटना में परिवार के मुखिया अगर मर जाते हैं तो वह परिवार बिखर जाता है. गोष्ठी का संचालन करते हुए जलाडो के अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश ने कहा कि सड़क दुर्घटना की स्थिति सरायकेला खरसावां जिले में ही चिन्ताजनक है. लेकिन उनके संगठन के प्रयास से सड़कों पर सुविधाएं बढ़ रही है, सड़कों की स्थिति सुधर रही है. अब संपूर्ण सड़कों को स्ट्रीट लाइट से आच्छादित किया जा रहा है. आज इस गोष्ठी में एक रेग्यूलेशन पास होगा जिसमें कई अहम मुद्दों को चिन्हित करते हुए डीसी और राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से भेजा जाएगा. जिसमें शहरी क्षेत्र में फ्लाई ओवर और कांड्रा सरायकेला तक और सरायकेला से चाईबासा तक मुख्य मार्ग को फोरलेन करने और खरकई नदी पर दों और पुल (राधा स्वामी से बड़ौदा घाट और सपड़ा दोमुहानी) का निर्माण कर बायपास सड़क बनाने की मांग की जाएगी. गोष्ठी में जिले के पूर्व के सीजेएम इन्द्रासन यादव, पूर्व राजकीय पदाधिकारी डॉ लालमोहन महतो, जलाडो के मुख्य संरक्षक अधिवक्ता एसके स्वाई, अधिवक्ता रंजनी मिश्रा, अधिवक्ता आलोक चटर्जी शामिल रहे. गोष्ठी की अध्यक्षता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता डीएन ओझा ने किया. गोष्ठी का उपरांत वनभोज में शामिल अधिवक्ताओं के परिवार के सदस्यों ने कई तरह के मनोरंजक खेलों का संचालन किया जिसका सभी ने भरपूर लुत्फ उठाया. अंत में स्वरूचि भोज का सभी अधिवक्ताओं और उनके परिजनों ने रसास्वादन किया. वनभोज में अधिवक्ता निशांत कुमार, नाइकी हेम्ब्रम, लक्ष्मण ठाकुर, विनोद कुमार ठाकुर, अनिल कुमार सिंह, प्रणव चटर्जी, पुरोबी विश्वास, देवाशीष कुंडू, मनीष गुप्ता, शेफाली मंडल, राजेश कुमार ठाकुर, कावेरी चटर्जी, उज्जवल भट्टाचार्य, सुनील विश्वास, डॉ अशोक कुमार, आशुतोष कुमार, अधिवक्ता ऋषिकांत आदि ने अहम भूमिका निभाई.




