देखिए ssp साहब… आपके जिले के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस से ज्यादा सक्रीय है जनता, रंगे हाथ चोर को पकड़ कर सुपुर्द कर के देने के बाद भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, 2 दिन बाद उसी आरोपी को ब्राउन सुगर के मामले में भेज दिया जेल… ये कैसा कानून?

0
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर :- पूर्वी सिंहभूम जिले के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला पुलिस की कार्रवाई और प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा में है। 16 दिसंबर की रात करीब 1.30 बजे जेएनएसी कर्मी के घर चोरी करते एक युवक को परिवार के सदस्यों ने रंगे हाथ पकड़ लिया था। सूचना मिलने पर 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को थाने ले जाकर सुपुर्द कराया गया। इसके बाद पीड़ित परिवार द्वारा 17 दिसंबर को चोरी से संबंधित लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

पीड़ित पक्ष के अनुसार, आरोपी ने इससे पहले भी उसी घर से नकद रुपये और मोबाइल फोन की चोरी करने की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद चोरी के इस मामले में आरोपी को तत्काल न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की पुष्टि नहीं हो सकी।

इसी बीच 19 दिसंबर को बर्मामाइंस पुलिस ने 22 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ दो युवकों की गिरफ्तारी दिखाते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इनमें एक आरोपी वही बताया जा रहा है, जिसे पूर्व में चोरी के मामले में पकड़ा गया था। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि जब आरोपी चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा गया था, तो उस मामले में आगे की कार्रवाई किस स्तर पर हुई।

इसके पड़ताल में जब लोक आलोक न्यूज ने बर्मामाइंस थाना प्रभारी से बातचीत की, तो उन्होंने यह स्वीकार भी किया कि ब्राउन शुगर के मामले में जेल भेजा गया युवक चोरी की घटना में भी शामिल था। हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि चोरी के आरोपी को उसी मामले में जेल क्यों नहीं भेजा गया, तो उन्होंने हड़बड़ाहट में यह कहा कि आरोपी “भाग गया था”, इसके बाद फोन कट गया। बाद में कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन थाना प्रभारी से बात नहीं हो सकी।

See also  सरायकेला-खरसावां की नई एसपी निधि द्विवेदी ने संभाला कार्यभार, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर कड़ा फोकस

मामले की स्पष्टता के लिए जिले के एसएसपी पीयूष पांडे से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पहला मामला नहीं है जिसमें पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं किया। ऐसा कई बार होता है जब सबूत सामने आने के बावजूद भी कई मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने के साथ-साथ जनता के बीच उठ रहे संदेह दूर हो सकें।

Thanks for your Feedback!

You may have missed