चीन ने जापानी फाइटर जेट्स को निशाने पर लिया,’डिफेंस’ के नाम पर गजब दादागीरी दिखा रहा चीन


जापान : दुनिया में इस वक्त अशांति और युद्धों का दौर चल रहा है. कहीं तनाव चल रहा है, तो कहीं युद्ध जारी हैं. एशिया में भी चीन और जापान के बीच जो हालात बने हुए हैं, ऐसा लग रहा है कि समुद्र में अभ्यास के नाम पर चल रही गड़गड़ाहट कहीं युद्ध में न बदल जाए. जापान लगातार दावा कर रहा है कि चीन अपनी सैन्य गतिविधियां जान-बूझकर प्रशांत महासागर में बढ़ा रहा है. वहीं चीन ने इस पर जवाब दिया है कि वो सिर्फ डिफेंस की नीति अपनाता है. इसके अलावा चीन का कहना है कि जापान को जब अमेरिका विमानों से ऐतराज नहीं है, तो चीन से क्यों?जापान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया कि चीन की नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर लियाओनिंग जापान के पास देखा गया. जापान के मुताबिक लियाओनिंग ने ओकिनावा के पास प्रशांत महासागर में लड़ाकू विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया. जापान की संयुक्त स्टाफ रिपोर्ट के मुताबिक लियाओनिंग के साथ चीन का टाइप 055 बड़ा विध्वंसक जहाज नानचांग, दो टाइप 052D विध्वंसक जहाज हल नंबर 117 और 124 शामिल थे.चीनी सेना (PLA) ने इस घटना के लिए जापान को जिम्मेदार ठहराया है। PLA ने कहा है कि जापानी विमानों ने चीनी ट्रेनिंग एरिया में बार-बार घुसपैठ की। इससे अभ्यास बाधित हुआ और उड़ान सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।घटना के वक्त चीनी कैरियर और तीन मिसाइल डिस्ट्रॉयर अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान जापान ने संभावित हवाई सीमा उल्लंघन को रोकने के लिए F-15 विमानों को तैनात किया था।जबाव में चीनी J-15 फाइटर जेट्स ने लिआनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरते हुए ASDF के F-15 विमानों को रडार से निशाना बनाया। जापानी रक्षामंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के मुताबिक घटना में कोई विमान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।चीन और जापान के पिछले महीने ताइवान को लेकर जापानी पीएम साने ताकाइची के बयान के बाद तनाव बढ़ गया था। दरअसल ताकाइची ने 7 नंवबर को कहा कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो जापान मदद के लिए अपनी सेना भेजेगा।
चीन ने इस बयान को बेहद गैर-जिम्मेदार और उकसाने वाला बताया। इसके अगले ही दिन विवाद और बढ़ गया जब जापान में चीन के काउंसल जनरल शुए जियान ने एक्स पर लिखा कि वह इस मामले में दखल देने वाले की गर्दन काट देंगे।
इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को तलब किया। चीन ने अपने नागरिकों को जापान न जाने के लिए आगाह किया है और चेतावनी दी है कि वहां जाने पर उन्हें खतरे का सामना करना पड़ सकता है।




