गया टाउन से प्रेम कुमार और सीवान से मंगल पांडे आगे, बेतिया से रेणु देवी पिछड़ी

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बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम के साथ ही नीतीश कुमार सरकार के 2020 के मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। 2020 में गठित जदयू-भाजपा सरकार के कई बड़े मंत्री इस बार भी मैदान में हैं, जिनका भविष्य मतपेटियों में बंद है। इनमें जदयू के विजय चौधरी, जयंत राज, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, रत्नेश सदा और भाजपा के मंगल पांडे, सम्राट चौधरी, संजय सरोगी, नितिन नवीन, प्रेम कुमार जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सहरसा जिले की सोनवर्षा सीट से जदयू के रत्नेश सदा के सामने कांग्रेस की सरिता देवी चुनाव मैदान में हैं। इस आरक्षित सीट पर जनसुराज ने भी दुसाध जाति के रिटायर्ड टीचर सत्येन्द्र हाजरा को उतारा है।दरभंगा (सदर) से भाजपा के संजय सरावगी के सामने विकासशील इंसान पार्टी के उमेश सहनी हैं। वह मुकेश सहनी की जाति से हैं, यानी मल्लाह हैं। जन सुराज से रिटायर्ड आईजी आरके मिश्रा मैदान में हैं। प्लुरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया चौधरी मैदान में हैं। भितरघात से लड़ना ही बड़ी चुनौती है।जाले से भाजपा के जिवेश कुमार के सामने कांग्रेस के ऋषि मिश्रा मैदान में हैं। यह राजद में थे और अंतिम समय में कांग्रेस का टिकट लेकर उतरे हैं। पिछली बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मशकूर अहमद रहमानी इस बार निर्दलीय मैदान में हैं। मुस्लिम वोट पर सबकुछ निर्भर करता है। जनसुराज ने लोहार जाति के रंजीत शर्मा को चुनाव में उतारा है।कुढ़नी से भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता के सामने राष्ट्रीय जनता दल के बबलू कुशवाहा उतारे गए हैं। जनसुराज ने यहां से मोहम्मद अली इरफान को मैदान में उतारा है। साहेबगंज से भाजपा के राजू कुमार सिंह के सामने राष्ट्रीय जनता दल के पृथ्वी राय मैदान में हैं। भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए जनसुराज ने यहां राजपूत जाति से ठाकुर हरिकिशोर सिंह को उतारा है। गया टाउन से भाजपा के डॉ. प्रेम कुमार के सामने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव उतरे हैं। पिछली बार वह 11 हजार से ज्यादा मतों से हारे थे। इस बार यहां जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी धीरेन्द्र अग्रवाल मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।चकाई से जदयू के सुमित कुमार सिंह प्रत्याशी हैं। पिछली बार वह निर्दलीय उतरे थे और राष्ट्रीय जनता दल की सावित्री देवी से महज 581 वोटों से जीते थे। इस बार सावित्री देवी महागठबंधन से राजद प्रत्याशी हैं। वीआईपी का साथ मिला ही है। दूसरी तरफ, कई निर्दलीय प्रत्याशी सुमित सिंह के लिए मुसीबत बने हैं।चैनपुर से जदयू के मो. जम़ा खान इस बार मुसीबत में नजर आ रहे हैं। वक्फ बिल का असर जम़ा खान को परेशान कर रहा है। पिछली बार भाजपा के टिकट पर 24294 मतों से हारे बृज किशोर बिंद इस बार राजद का टिकट लेकर आए हैं और महागठबंधन ने इस सीट पर ताकत झोंक रखी है। सीएम नीतीश कुमार के जाने पर भी जम़ा खान के लिए अच्छा माहौल नहीं दिख रहा है। मुकेश सहनी ने यहां पहुंचकर विकासशील इंसान पार्टी के बाल गोविंद विंद को अपना प्रत्याशी बताया। तेजस्वी यादव ने बृज किशोर बिंद के पक्ष में वोट की अपील की। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के रिश्तेदार पूर्व विधायक रामचंद्र यादव गोविंद बिंद का प्रचार कर रहे हैं। महागठबंधन की यह उठापटक यहां जम़ा खान को राहत दे रही है। बहुजन समाज पार्टी से उतरे राजपूत जाति के धीरज कुमार सिंह भाजपा का वोट काटेंगे, यह भी डर है। जन सुराज पार्टी ने भाजपा के पूर्व सांसद मुनीलाल चौबे के बेटे हेमंत कुमार चौबे को टिकट देकर भाजपा के वोटरों को साधने की कोशिश की है।

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