साइबर ठगी का शिकार हुए TMC सांसद कल्याण बनर्जी


कोलकाता: देश में साइबर धोखाधड़ी के मामला थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. दिल्ली, मुंबई या कोलकाता कोई भी राज्य साइबर अपराधियों से बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है. इसीलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. ठग ठगी करने के नए-नए रास्ते खोज ही लेते हैं. इस बार ठगी का शिकरा टीएमसी सांसद हुए हैं. ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के एक कथित मामले में 56 लाख रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी उनके साथ की गई है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और सेरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी के साथ ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी हुई है. उनको ठगों ने लाखों का चूना लगा दिया. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, साइबर ठग पहले तो सांसद के एसबीआई के एक इनएक्टिव अकांउंट तक पहुंचे, फिर अनधिकृत लेनदेन कर बड़ी रकम साफ कर ली.इसमें सांसद की असली फोटो का इस्तेमाल किया गया ताकि दस्तावेज असली लगें। इसके बाद गत 28 अक्टूबर को अपराधियों ने खाते से पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया, जिससे उन्हें खाते तक पूरी पहुंच मिल गई और फिर इंटरनेट बैंकिंग के जरिए कई बार में उस खाते से रुपये अन्य खाते में स्थानांतरित कर वहां से निकाल लिए गए।एसबीआइ की हाई कोर्ट शाखा के प्रबंधक ने कल्याण को फोन करके धोखाधड़ी की जानकारी दी। कुछ दिन पहले ही कोलकाता के बेहला पर्णश्री इलाके में एक वृद्ध दंपती से डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर तीन करोड़ की ठगी का मामला सामने आया था। साइबर अपराधियों ने पति-पत्नी को मोबाइल पर अपना परिचय केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारियों के तौर पर देते हुए डराया-धमकाया था।अधिकारियों ने बताया कि फर्जी केवाईसी प्रक्रिया के दौरान अपराधियों ने कल्याण बनर्जी की तस्वीर का इस्तेमाल किया। लेकिन मोबाइल नंबर किसी और का लगाया गा था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह खाता कई वर्षों से निष्क्रिय था। इस खाते को तब खोला गया था, जब कल्याण बनर्जी 2001 से 2006 के बीच आसनसोल (दक्षिण) से विधायक थे और विधायक के रूप में उन्हें मिलने वाला वेतन इसी खाते में आता था। उस समय से यह खाता बंद पड़ा था। लेकिन अब इसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोबार चालू कर धोखाधड़ी की गई.




