शेख हसीना को घोषित किया भगोड़ा,देशद्रोह के मामले में,नोटिस जारी


बांग्लादेश: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. अब ढाका महानगरीय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फरार घोषित कर दिया है. शेखस हसीना के साथ 260 अन्य लोगों को इसी साल दर्ज देशद्रोह मामले में फरार मान लिया गया है. बांग्लादेश की क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की ओर से दो राष्ट्रीय अखबारों में नोटिस जारी कर सभी आरोपियों को 11 नवंबर तक अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है.बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह लोकतंत्र की बहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अगस्त में हुए प्रदर्शनों को हिंसक विद्रोह बताया और सुरक्षा बलों पर अनुशासन की कमी का आरोप लगाया। हसीना ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण को दिखावटी अदालत बताया और मौतों के आंकड़ों पर संदेह जताया।बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) लगभग एक साल से भारत में रह रही हैं. पिछले साल पांच अगस्त को बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से वह भारत में हैं. ऐसे में अब शेख हसीना ने भारत में अपने अस्थाई प्रवास को लेकर बयान दिया है. इसके साथ ही शेख हसीना ने कहा कि अगर बांग्लादेश में आगामी चुनाव में उनकी पार्टी अवामी लीग को हिस्सा लेने नहीं दिया गया तो लाखों मतदाता चुनाव का बहिष्कार कर देंगे.ढाका की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने शेख हसीना और 260 अन्य लोगों को देशद्रोह के एक मामले में फरार (fugitive) घोषित किया है।वर्तमान में भारत में रह रही शेख हसीना ने कहा है कि वह निश्चित रूप से बांग्लादेश लौटना चाहती हैं, लेकिन तभी जब वहां एक वैध सरकार हो, संविधान का पालन हो, कानून-व्यवस्था कायम हो और उनकी पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने का मौका मिले। उन्होंने यह भी कहा कि भारत छोड़ने का उनका फिलहाल कोई इरादा नहीं है।इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना पर “मानवता के खिलाफ अपराधों” के आरोपों की सुनवाई पूरी कर ली है। इन आरोपों में जबरन गायब करने और उत्पीड़न के मामले शामिल हैं। ट्रिब्यूनल 13 नवंबर को इस पर फैसला सुनाएगा। उन्हें पहले ही अदालत की अवमानना के एक मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई जा चुकी है। वह यूनुस सरकार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICC) में शिकायत दर्ज कराकर अचानक सक्रिय हो गई हैं।उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी को आगामी चुनावों में भाग लेने से रोका गया, तो अवामी लीग के लाखों समर्थक चुनाव का बहिष्कार करेंगे।शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान सत्ता से अपदस्थ होकर भारत भाग आई थीं। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जुलाई विद्रोह के दौरान प्रदर्शनकारियों की मौत से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। बांग्लादेश बार-बार भारत से उन्हें सौंपने की अपील कर चुका है लेकिन भारत ने कहा है कि वह इस मसले पर विचार कर रहा है।




