पांच देशों और तमिलनाडु के 76 गांवों के 60 करोड़ दान से,10 मंजिला, AC वाला 140 कमरा, 3 टाइम फ्री खाना ,वाराणसी में 3 स्टार होटल जैसा धर्मशाला


वाराणसी: पूर्वांचल की सबसे बड़ी धर्मशाला के निर्माण में 350 दानदाताओं का सहयोग रहा है। इसके लिए एक साल में ही 60 करोड़ रुपये दान मिले थे। पांच देशों और तमिलनाडु के दो जिलों में बसे नाटकोट्टई नगरतार परिवार के 76 गांवों के 48 हजार परिवारों ने दान दिए हैं। सबसे कम 10 हजार और सबसे अधिक तीन करोड़ रुपये दान में मिले हैं।काशी में नाटकोट्टई नगर क्षेत्रम् से माता विशालाक्षी मंदिर में दो सौ साल पहले से श्री काशी विश्वनाथ को शृंगार भोग अर्पित करने की परंपरा है और एक धर्मशाला पहले से संचालित है। अब दूसरी 10 मंजिला धर्मशाला बन गई है।दान देने वालों में किसान से लेकर आईआईटीयंस और उद्यमी भी हैं। दान की राशि किसी और से नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि दान देने वालों में 10 हजार रुपये सबसे कम हैं। इसके बाद 10, 17, 25, 50 लाख रुपये देने वालों की संख्या ज्यादा है। एक और तीन करोड़ रुपये देने वाले भी हैं। एम.ए.आर.आर. मुथैया, अविरामी रामनाथन, रामास्वामी आदि ने भी अधिक दान दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिस जमीन पर ये हाइटेक धर्मशाला बनकर तैयार हुई है, वह जमीन भूमाफिया की थी, जिसे योगी सरकार ने कब्जे से मुक्त कराया था. नट्टुककोटई नागरथर्स समुदाय की देन है यह धर्मशाला. बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं के लिए तीन वक्त मुफ्त भोजन की भी व्यवस्था है. उद्घाटन समारोह के बाद नवंबर से यहां श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा शुरू हो जाएगी. बताया जा रहा है कि उद्घाटन समारोह में यूपी और तमिलनाडु सरकार के मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है. जिलाधिकारी ने पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा समेत अन्य तैयारियों की बाबत जानकारी ली. उन्होंने ट्रैफिक प्लान तैयार करने को कहा है. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रविवार को तैयारियों का जायजा लिया.




