स्वच्छता में अव्वल जमशेदपुर पर छिड़ा नाम का विवाद, राजनीतिक कार्यकर्ता बोले– टाटा एरिया को मिली तारीफ, बाकी इलाकों के साथ अन्याय


जमशेदपुर :- स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में जमशेदपुर को देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किए जाने के बाद जहां शहरवासियों में खुशी की लहर है, वहीं इस पुरस्कार वितरण में ‘जमशेदपुर’ शब्द के प्रयोग को लेकर एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि पुरस्कार टाटा लीज एरिया में सफाई व्यवस्था को लेकर मिला है, जबकि पूरे जिले में अधिसूचित क्षेत्र समिति यानी JNAC की जिम्मेदारी सीमित है, ऐसे में पूरे क्षेत्र को ‘जमशेदपुर’ कह कर प्रचारित करना अन्य क्षेत्र के साथ नाइंसाफी है। कार्यकर्ता का आरोप है कि नगर निकाय के बाहर आने वाले क्षेत्रों – खासकर बागबेड़ा, परसूडीह, कदमा कॉलोनी जैसे इलाकों की उपेक्षा की जा रही है और प्रशासन सिर्फ उस क्षेत्र को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है जो टाटा स्टील या JUSCO के अधीन आता है। उन्होंने कहा कि जब पुरस्कार का आधार सिर्फ सीमित क्षेत्र में सफाई है तो उसे पूरे शहर के नाम से जोड़ा जाना भ्रामक है और इससे सरकारी आंकड़ों की साख पर सवाल उठता है। उन्होंने यह भी मांग की कि अगली बार सर्वेक्षण के दौरान जमशेदपुर शहरी क्षेत्र को स्पष्ट रूप से दो हिस्सों में विभाजित कर आकलन किया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि संबंधित अधिकारी मामले को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहते हैं और पुरस्कृत क्षेत्र को ही ‘जमशेदपुर’ नाम से पहचाने जाने की परंपरा का हवाला दे रहे हैं। मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता दिख रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।




