10वीं बोर्ड अब साल में दो बार, छात्रों को मिलेगा बेहतर मौका – शिक्षा मंत्रालय का ऐतिहासिक फैसला


लोक आलोक न्यूज डेस्क / दिल्ली :- देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि अब 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत लिया गया है, जिससे छात्रों को मानसिक राहत मिले और उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर अंक प्राप्त करने के दो मौके मिल सकें।

शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि छात्र अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे – पहली परीक्षा मार्च-अप्रैल में और दूसरी अक्टूबर-नवंबर में होगी। दोनों परीक्षाएं समान स्तर की होंगी और छात्र को दोनों में से बेहतर अंक वाली परीक्षा का परिणाम ही अंतिम माना जाएगा।
इस कदम से उन लाखों छात्रों को राहत मिलेगी जो एक बार परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाते थे और जिनका पूरा भविष्य सिर्फ एक मौके पर टिका रहता था। अब छात्र बिना तनाव के, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बैठ सकेंगे।
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव सिर्फ 10वीं तक सीमित नहीं रहेगा – भविष्य में 12वीं बोर्ड परीक्षा को भी इसी ढांचे में लाया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी लचीलापन मिलेगा।
छात्र, अभिभावक और शिक्षाविदों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह फैसला छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, रचनात्मकता और सीखने की प्रक्रिया को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इससे फेल होने का डर खत्म होगा और ‘एक ही मौका, एक ही परीक्षा’ का दबाव अब बीते जमाने की बात हो जाएगी।



