25 जुलाई की गोलीबारी का खुलासा, मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार की भूमिका



गिरिडीह : 25 जुलाई को हुई गोलीबारी की जांच में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि 22 अगस्त की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार बादल कुमार और मोहित कुमार उर्फ पीटर ने पूछताछ में वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की है। बादल पतरातू का रहने वाला है, जबकि मोहित को रसदा का निवासी बताया गया है। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज पूरा होने पर शनिवार को छुट्टी मिलने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


गिरिडीह थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि राहुल दुबे के कहने पर गिरिडीह परियोजना की क्रशर मशीन के पास गोलीबारी की गई थी। पुलिस का कहना है कि घटना से पहले गिरोह के दो सदस्यों ने इलाके की रेकी की और तय योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों को कथित तौर पर छह-छह हजार रुपये दिए गए थे। थाना प्रभारी के मुताबिक, गोलीबारी के दौरान बादल कुमार ने खलासी नयन कुमार उर्फ करण के दोनों पैरों में गोली मारी थी। वारदात के बाद आरोपी पतरातू की ओर भाग निकले थे।
पुलिस 22 अगस्त की मुठभेड़ में बरामद बाइक को भी 25 जुलाई के गोलीकांड से जोड़कर देख रही है। दावा है कि इसी बाइक का इस्तेमाल पहले की वारदात में भी हुआ था और मुठभेड़ वाले दिन आरोपी दोबारा गोलीबारी व पर्चा फेंकने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस कार्रवाई से योजना सफल नहीं हुई। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच में मोहित कुमार उर्फ पीटर के खिलाफ बासल थाना में तीन और रांची के रातू थाना में एक मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें चोरी, डकैती और मारपीट से जुड़े आरोप शामिल हैं।


