JPSC की 21 परीक्षाएं रद्द, 1744 पदों की नियुक्ति पर ब्रेक; JET और CDPO भी प्रभावित






रांची : राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 21 परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया है। इनमें झारखंड पात्रता परीक्षा (JET), CDPO भर्ती, सिविल सेवा, फॉरेस्ट रेंज अफसर, सहायक वन संरक्षक, APP, ड्रग इंस्पेक्टर, फूड सेफ्टी अफसर और विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों से जुड़ी नियुक्तियां शामिल हैं। इस फैसले से कुल 1744 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई है। वर्ष 2018 से चल रही कुछ नियुक्ति प्रक्रियाएं भी रद्द कर दी गई हैं। राज्य गठन के बाद विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दूसरी बार JET आयोजित हुआ था, जबकि चयनित CDPO अभ्यर्थियों को अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र भी सौंपे थे।


रद्द या प्रभावित प्रक्रियाओं में विश्वविद्यालयों के गैर-शैक्षणिक अधिकारियों के 23 पद, सहायक निदेशक/वरीय साइंटिफिक अफसर के 8 बैकलॉग और 7 रेगुलर पद, 30 ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग कॉलेज में 11 असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक में 6 बैकलॉग और 359 रेगुलर व्याख्याता, मेडिकल कॉलेज में 90 सुपर स्पेशलिस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर, 138 सिविल जज जूनियर डिविजन, 78 सहायक वन संरक्षक, 170 फॉरेस्ट रेंज अफसर, 26 APP बैकलॉग और 134 APP रेगुलर पद शामिल हैं। इसके अलावा 14वीं JPSC सिविल सेवा के 103 पद, सिविल सेवा बैकलॉग 2025 के 45 पद और बैकलॉग 2023 की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
56 फूड सेफ्टी अफसरों का मार्च 2026 में अंतिम परिणाम जारी हो चुका था और चयनित अभ्यर्थी विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं। इसी तरह 64 CDPO भी नियुक्ति के बाद जिलों में काम कर रहे हैं, जबकि 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा के तहत चयनित अभ्यर्थी प्रशिक्षण में हैं। झारखंड पात्रता परीक्षा रद्द होने से विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में फिर देरी की संभावना बढ़ गई है। राज्य में पहली JET परीक्षा 2007 में हुई थी, जिसकी जांच अब भी CBI कर रही है।


