एक ही सेंटर से 147 अभ्यर्थी पास, अभय तिवारी भी यहीं से सफल; परीक्षा पर उठे सवाल






रांची : राज्य में 3120 प्लस टू शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सीबीटी मोड में 24 केंद्रों पर परीक्षा कराई थी, लेकिन छह केंद्रों से ही 60 फीसदी से अधिक अभ्यर्थी सफल हुए। पहले चरण के परिणाम में अनारक्षित वर्ग की सीधी नियुक्ति के लिए कुल 804 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इनमें 479 अभ्यर्थी सिर्फ छह केंद्रों से, 215 अभ्यर्थी आठ केंद्रों से और शेष 110 अभ्यर्थी 10 केंद्रों से सफल हुए। बोकारो के केंद्र संख्या 102 से सबसे अधिक 147 अभ्यर्थी पास हुए। इसी केंद्र से टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने भी परीक्षा दी थी और सफलता हासिल की थी। अभ्यर्थी परिणाम जारी होने के समय से ही कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी का आरोप लगाते रहे हैं।


विषयवार नतीजों ने भी सवाल बढ़ाए हैं। भूगोल के अनारक्षित वर्ग में सफल 72 अभ्यर्थियों में से 41 बोकारो के दो केंद्रों से थे, जबकि 24 केंद्रों में से पांच केंद्रों से ही 60 अभ्यर्थी सफल हुए और आधा दर्जन से अधिक केंद्रों से एक भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ। भौतिकी में कुल 94 सफल अभ्यर्थियों में से 29, यानी करीब 30 फीसदी, अकेले केंद्र संख्या 102 से सफल हुए। जीव विज्ञान में भी कुल 90 सफल अभ्यर्थियों में से 21 इसी केंद्र से पास हुए।
अभय तिवारी ने अंग्रेजी विषय से परीक्षा पास की थी। उनकी नियुक्ति देवघर के शशि भूषण राय प्लस-टू हाईस्कूल, सिमरा में हुई थी, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्हें आर मित्रा जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, देवघर में प्रतिनियुक्त कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने वहां योगदान नहीं दिया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पहले से शिकायतों के बावजूद आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।


