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जमशेदपुर –‘सृजन संवाद’ साहित्य, सिनेमा एवं कला की संस्था ने 144वीं संगोष्ठी में प्रसिद्ध सिने-निर्देशक-अभिनेता राज कपूर की शताब्दी समारोह आयोजित किया। यह कार्यक्रम स्ट्रीमयार्ड तथा फ़ेसबुक लाइव द्वारा सम्पन्न हुआ। 26 दिसम्बर 2024, वृहस्पतिवार शाम सात बजे से निर्देशक राज कपूर तथा उनकी नायिकाओं पर डेढ़ घंटे तक बात हुई। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उनकी फ़िल्मों की आज के संदर्भ में चर्चा हुई। वार्ता केलिए दो सिने-विशेषज्ञ डॉ. एम. के. पाण्डेय तथा विमल चंद्र पाण्डेय उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वैभव मणि त्रिपाठी ने एवं परिचय-धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विजय शर्मा ने किया।

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डॉ. विजय शर्मा ने विषय परिचय देते हुए वक्ताओं तथा फ़ेसबुक लाइव श्रोताओं/दर्शकों का स्वागत किया। अब तक सृजन संवाद फ़िल्म व्यक्तित्व पर कई कार्यक्रम किए हैं, जिनमें गौतम घोष,  अमरेंद्र कुमार शर्मा, मृत्युंजय श्रीवास्तव, मनमोहन चड्ढ़ा जैसे सिने-विशेषज्ञों ने शिरकत की है। उन्होंने बताया शायाद ही कोई ऐसा होगा जिसने राज कपूर की फ़िल्में नहीं देखी हों। अभी जब उनकी चुनी हुई 10 फ़िल्में पुन: प्रदर्शित हुई तो दर्शक टूट पड़े, यह उनकी लोकप्रियता का करीश्मा है।

वैभव मणि त्रिपाठी ने वक्ताओं का परिचय दिया। डॉ. एम. के. पाण्डेय दिल्ली यूनिवर्सिटी के सत्यवती कॉलेज में पढ़ाते है, सिनेमा अध्ययन व अध्यापन से वे गहराई से जुड़े हुए हैं। बनारसी कथाकार एवं फ़िल्म निर्देशक विमल चंद्र पाण्डेय आजकल मुंबई में रहते हैं। उन्होंने कई फ़िल्में बनाई हैं, हाल में बनाई भोजपुरी फ़िलम ‘मद्धिम’ फ़िल्म खूब चर्चा में है।

राज कपूर और उनकी बनाई-अभिनीत फ़िल्मों पर अभी काफ़ी बातों की संभावना है, मगर समय को ध्यान में रखते हुए डॉ. विजय शर्मा ने वक्ताओं की प्रमुख बातों को रेखांकित करते हुए वक्ताओं, पोस्टर निर्माता, प्रिंट एवं इलेट्रोनिक मीडिया, संचालान हेतु वैभव मणि त्रिपाठी का धन्यवाद ज्ञापन किया। वक्ताओं से आग्रह किया गया, वे अपनी टिप्पणी-विचारों को लिपिबद्ध करें ताकि ‘सृजन संवाद’ पटल पर गोष्ठी की प्रमुख बातों का दस्तावेजीकरण हो सके।

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144वें सृजन संवाद कार्यक्रम में सृजन संवाद फ़ेसबुक लाइव माध्यम से देहरादून से सिने-समीक्षक मनमोहन चड्ढा, जमशेदपुर से डॉ. मीनू रावत, डॉ. नेहा तिवारी, डॉ.क्षमा त्रिपाठी, आभा विश्वकर्मा, अर्चना अनुपम, ऋचा द्विवेदी, श्रवण कुमार, वीणा कुमारी, राँची से ‘यायावरी वाया भोजपुरी’ फ़ेम के वैभव मणि त्रिपाठी, बैंग्लोर से परमानंद रमण, अनघा मारीषा, उषा अरनी राव, दिल्ली से आशीष कुमार सिंह, निक्की शर्मा, ऋतु भारद्वाज, शालिनी कपूर, गोरखपुर से गौरव मणि त्रिपाठी, उमा उपाध्याय, अनुराग अंजु रंजन, आकृति विज्ञा ‘अर्पण’, चंदन कुमार, गुजरात से उमा सिंह, पटना से विकास कुमार झा आदि जुड़े। इनकी टिप्पणियों से कार्यक्रम और अधिक सफ़ल हुआ। इस कार्यक्रम से सृजन संवाद में कुछ नए सदस्य जुड़े।

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