44,790 छात्रों के लिए 1353 शिक्षक पद मंजूर, रांची विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर बदलेगा शिक्षक-छात्र अनुपात

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रांची : रांची विश्वविद्यालय में शिक्षक और विद्यार्थियों के अनुपात को व्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। संशोधित व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों में अधिकतम 44,790 विद्यार्थियों के लिए कुल 1,353 शिक्षक पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 42 प्रोफेसर, 153 एसोसिएट प्रोफेसर और 1,158 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इसके अलावा 53 अधिकारियों और 1,098 कर्मचारियों के पद भी स्वीकृत किए गए हैं। विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 735 कर्मियों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।

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आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त होने वाले कर्मियों में पांच डिजिटल लैंग्वेज लैब इंस्ट्रक्टर, 384 मल्टी टास्किंग स्टाफ अनस्किल्ड, 198 मल्टी टास्किंग स्टाफ सेमी-स्किल्ड और 148 मल्टी टास्किंग स्टाफ स्किल्ड शामिल हैं। सरकार ने अंगीभूत कॉलेजों में उपलब्ध आधारभूत संरचना के आधार पर पीजी की पढ़ाई जारी रखने के लिए रांची विश्वविद्यालय को अधिकृत किया है। विश्वविद्यालय मुख्यालय और कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स संचालित करने की जिम्मेदारी भी विश्वविद्यालय को दी गई है।

कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर शिक्षक पद तय किए गए हैं। डोरंडा कॉलेज में 2,340 विद्यार्थियों के लिए 74 शिक्षक, मारवाड़ी कॉलेज में 2,940 विद्यार्थियों के लिए 61 और आरएलएसवाई कॉलेज में 2,550 विद्यार्थियों के लिए 59 शिक्षक पद स्वीकृत किए गए हैं। एसएस मेमोरियल कॉलेज में 2,820 विद्यार्थियों के लिए 64, रांची वीमेंस कॉलेज में 2,760 विद्यार्थियों के लिए 104 और केसीबी कॉलेज बेड़ो में 1,680 विद्यार्थियों के लिए 46 शिक्षक पद निर्धारित किए गए हैं।

पीपीके कॉलेज बुंडू में 2,520 विद्यार्थियों के लिए 65, मांडर कॉलेज में 2,040 विद्यार्थियों के लिए 49, केओ कॉलेज गुमला में 3,000 विद्यार्थियों के लिए 82, बीएन जलान कॉलेज में 1,260 विद्यार्थियों के लिए 39, बीएस कॉलेज लोहरदगा में 2,700 विद्यार्थियों के लिए 69, बिरसा कॉलेज खूंटी में 2,700 विद्यार्थियों के लिए 69 और सिमडेगा कॉलेज में 1,800 विद्यार्थियों के लिए 47 शिक्षक पद स्वीकृत किए गए हैं। सभी मॉडल कॉलेजों के लिए भी विद्यार्थियों और शिक्षकों के पद निर्धारित किए गए हैं।

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शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों में भी पद स्वीकृत किए गए हैं। राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज और राजकीय महिला शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज में 390-390 विद्यार्थियों के लिए 24-24 शिक्षक पद तय किए गए हैं। वहीं रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों में कुल 3,660 सीटों के लिए 223 शिक्षक पद स्वीकृत हुए हैं। इनमें 130 असिस्टेंट प्रोफेसर, 59 एसोसिएट प्रोफेसर और 34 प्रोफेसर शामिल हैं।

हालांकि संशोधित अधिसूचना में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात में स्पष्ट अंतर भी सामने आया है। उदाहरण के तौर पर मारवाड़ी कॉलेज में 2,940 विद्यार्थियों के लिए 61 शिक्षक हैं, जबकि डोरंडा कॉलेज में कम यानी 2,340 विद्यार्थियों के लिए 74 शिक्षक पद स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह एसएस मेमोरियल कॉलेज में 2,820 विद्यार्थियों के लिए 64 शिक्षक हैं, जबकि रांची वीमेंस कॉलेज में 2,760 विद्यार्थियों के लिए 104 पद निर्धारित किए गए हैं।

इसी असमानता ने शिक्षक-छात्र अनुपात को लेकर नई बहस भी खड़ी कर दी है। किसी भी कॉलेज में प्रोफेसर का पद स्वीकृत नहीं किया गया है, जबकि 15 कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर के पद शून्य रखे गए हैं। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वीकृत पदों पर नियुक्ति कितनी तेजी से होती है और नई व्यवस्था वास्तव में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों की कक्षागत जरूरतों पर कितना असर डालती है।

 

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