न्याय रथ से ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों की जानकारी, दहेज प्रथा के खिलाफ किया जागरूक

जामताड़ा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), जामताड़ा की ओर से डोभाकेंद्र, नारायणपुर में न्याय रथ के माध्यम से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। डिप्टी चीफ एलएडीसी, जामताड़ा उत्तम कुमार सिन्हा और डीएलएसए के पैनल लॉयर पारस कुमार राय ने दहेज प्रथा, लैंगिक समानता, महिलाओं के अधिकार, संवैधानिक मूल्यों और NALSA जागृति योजना 2025 के बारे में बताया। वक्ताओं ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए इसके दुष्परिणाम और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी।


ग्रामीणों को बताया गया कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को न्याय, समानता और गरिमा का अधिकार देता है। महिलाओं को मिलने वाले कानूनी अधिकारों और संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही पुरुष और महिला के समान अधिकार और लैंगिक समानता के महत्व पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में JHALSA और NALSA की अलग-अलग विधिक सेवा योजनाओं के बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया। पात्र और जरूरतमंद लोगों को डीएलएसए की ओर से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देते हुए बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति कानूनी सलाह, अधिवक्ता की सहायता और अन्य जरूरी विधिक सेवाएं बिना शुल्क प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में पीएलवी आनंद महतो, महफूज आलम, प्रदीप रजक, विजय कुमार मंडल, फिरोज अंसारी, सद्दाम अंसारी और शहादत अली के साथ ग्रामीण और प्रखंड कर्मी मौजूद रहे। न्याय रथ के इस अभियान का उद्देश्य कानून से जुड़ी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों व कानूनी सहायता से जोड़ना रहा।


