उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की पार्टी ने किया गठबंधन,

0
Advertisements
Advertisements

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में नए सियासी समीकरण आकार ले रहे हैं। खबर है कि अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने हाथ मिला लिया है। हालांकि, यह गठबंधन जिला परिषद चुनाव के लिए ही हैं। इधर, शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत का कहना है कि इस संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है। कहा जा रहा है कि क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के दबदबे को कमजोर करने के इरादे से गठबंधन किया गया है।शिंदे गुट की शिवसेना, अजित पवार की NCP और शरद पवार गुट की NCP शामिल हैं. इस ‘महा अघाड़ी’ की घोषणा बारशी के शिवसेना (UBT) विधायक दिलीप सोपाल ने की, जिन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की.

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

ये गठबंधन भाजपा के सोलापुर जिले में लगातार मजबूत प्रदर्शन के बाद सामने आया है. दो महीने पहले कृषि उत्पाद बाजार समिति (APMC) चुनाव में भाजपा ने 18-0 से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. इसके अलावा नगर परिषद चुनाव में 42 में से 23 सीटें जीतकर अध्यक्ष पद भी हासिल किया.पूर्व भाजपा विधायक राजेंद्र राउत बारशी में भाजपा का नेतृत्व कर रहे हैं. राउत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं. पिछले नगर चुनावों में राउत ने शिंदे गुट के साथ रणनीतिक समझौता किया था, लेकिन शिंदे के उम्मीदवारों को सीटें नहीं मिलीं. भाजपा समर्थित प्रत्याशी धनुष-तीर चिह्न पर लड़े, जिससे शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ गया था. इसी असंतोष को देखते हुए दिलीप सोपाल ने ये गठबंधन तैयार किया.सीट बंटवारे के अनुसार, बारशी में कुल 6 जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र और 12 पंचायत समिति समूह हैं. अजित पवार की NCP को 3 जिला परिषद और 8 पंचायत समिति सीटें मिली हैं. शिंदे गुट को 2 जिला परिषद और 4 पंचायत समिति सीटें दी गई हैं. जबकि शिवसेना (UBT) को सिर्फ 1 जिला परिषद सीट मिली है.

See also  दिल्ली में ‘कट्टर ईमानदार होली’ का राजनीतिक रंग, केजरीवाल-सिसोदिया ने बीजेपी पर साधा निशाना

खास बात ये है कि केवल एक सीट पर UBT अपना ‘मशाल’ चिह्न इस्तेमाल करेगी. बाकी सीटों पर दो NCP गुट ‘घड़ी’ और ‘ट्रंपेट’ चिह्न पर. इसके अलावा शिंदे गुट ‘धनुष-तीर’ चिह्न पर चुनाव लड़ेगा. विभिन्न चिह्नों के बावजूद सभी पार्टियां भाजपा विरोधी समझौते पर एकजुट हैं.

Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed