श्रीनाथ विश्वविद्यालय में “स्कूल ऑफ मास कॉम एंड जर्नलिज्म” के द्वारा “झारखंड नेशनल फ़िल्म फेस्टिवल” के अवसर पर टॉक शो का किया गया आयोजन, बॉलीवुड के कई दिग्गज हुए शामिल

0
Advertisements
Advertisements

सरायकेला खरसावाँ: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय में “स्कूल ऑफ मास कॉम एंड जर्नलिज्म” के द्वारा “झारखंड नेशनल फ़िल्म फेस्टिवल” के अवसर पर एक टॉक शो का आयोजन किया गया ,जिसके मुख्य वक्ता सिनेमा जगत के मशहूर और महान अभिनेता रंजीत बेदी, पंकज झा, जमशेदपुर के उभरते कलाकार संजीव जयसवाल , फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट रिया तिर्की , स्वराज बारीक, अशोक विश्वनाथन , अनिल रामचन्द्रन आदि थे । इस टॉक शो का विषय ” पैरादिग्म चेंज इन इंडियन सिनेमा” था ।

Advertisements

टॉक शो का आरंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर तथा गायत्री मंत्र के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ, शॉल तथा स्मृति चिन्ह देकर किया गया ।

इस टॉक शो डॉ. भाव्या भूषण के द्वारा अतिथियों से सिनेमा जगत से जुड़े कई सवाल पूछे गए जिसमे अभिनेता रंजीत बेदी ने कहा कि फिल्मों में बहुत अधिक पैसा लगाया जाता है , पहले की हीरोइनें रात रात भर रिहल्सल किया करती थी । पहले बनने वाली फिल्में ऐसी होती थी जिन्हें हम पूरे परिवार के साथ देखा करते थे लेकिन बदलते समय के साथ फिल्मों में काफी बदलाव देखा जा रहा है।

अभिनेता पंकज झा ने कहा कि हम जो चीजें आम जीवन में नहीं कर पाते उन्हीं चीजों को हम फिल्मों के माध्यम से दिखाना चाहते हैं। युवाओं को फ़िल्म सितारों की तरह बनने के लिए अपना घर छोड़ कर मुंबई जाने की आवश्यकता नही है बल्कि युवाओं को स्वयं का सम्मान करना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा जगत में आज गिरावट आई है और इसे सुधारने की अत्यंत आवश्यकता है तभी सिनेमा जगत सत्यजीत रे जैसे निर्देशक को पुनः प्राप्त कर सकेगा।

See also  मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी की तलाश तेज, अनुज कन्नौजिया के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने जमशेदपुर में डाला छापा...

अनिल रामचंद्रन ने अपनी बात कहते हुए कहा कि आज जमाना बदल गया है आज अभिनेताओं में समर्पण की भावना है और साथ ही सिनेमा जगत में भी बहुत कुछ बदला है।

26/11 फ़िल्म तथा जमशेदपुर के अभिनेता संजीव जायसवाल ने अपनी बात कहते हुए कहा कि आज यदि सिनेमा में कुछ बदलाव हुआ है तो इसकी वजह यह है कि दर्शक भी अब पहले वाले नही रह गए हैं इसलिए उनकी पसंद को देखते हुए आज फिल्में बनाई जा रही है । उन्होंने यह भी कहा कि अगर आपके पास प्रोडूयूसर नहीं है तो आप ओटीटी में काम कर सकते हैं क्योंकि प्रत्येक एक्टर फिल्मों में नहीं जा सकता उनके लिए ओटीटी एक अच्छा प्लेटफार्म है ।

“झारखंड नेशनल फ़िल्म फेस्टिवल” के तहत श्रीनाथ विश्वविद्यालय में कुल 24 फिल्मों को दिखाया गया। हिंदी ,अंग्रेजी ,जनजाति तथा क्षेत्रीय भाषाओं की सिनेमा का बोलबाला रहा जिसमे बड़ी संख्या में दर्शक सम्मिलित हुए ।

इस टॉक शो में विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग के विद्यार्थी तथा सहायक प्राध्यापक उपस्थित थे। फ़िल्म सितारों को अपने बीच पा विद्यार्थियों का उत्साह चरम पर था साथ ही उनके द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई । अभिनेता रंजीत बेदी ने विद्यार्थियों के अनुरोध पर अपनी फिल्मों के कई संवाद भी कहे जिनपर सभागार में तालियाँ गूंज उठी। वहीं अभिनेता पंकज झा ने दर्शकों को एक प्रेरणादायी कविता सुनाया ।

इस अवसर पर श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सह झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल के संरक्षक  सुखदेव महतो ने कहा कि अब झारखंड में भी कई अच्छी फिल्में बनने लगी है साथ ही यहाँ प्रतिभाओं की भी कमी नहीं है अतः “झारखंड नेशनल फ़िल्म फेस्टिवल” से यहाँ के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा को निखारने के अवसर मिलेगा साथ ही उनकी फिल्मों को अधिक से अधिक लोग देख सकेंगे । टॉक शो का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ ।

See also  आदित्यपुर : डीआरएम से ट्रेनों का ठहराव और स्टेशन रोड के मार्गों में परिवर्तन का प्रस्ताव

Thanks for your Feedback!

You may have missed