JPSC भर्ती परीक्षाओं पर बढ़ा शक, कई अहम एग्जाम विवादों के घेरे में






रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं अब संदेह के घेरे में आ गई हैं। इनमें झारखंड पात्रता परीक्षा (JET), सिविल सेवा, एपीपी, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और सहायक वन संरक्षक जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कार्यकाल में एक ही एजेंसी टीडीपीएल को आवेदन प्रक्रिया से लेकर परिणाम जारी करने तक की जिम्मेदारी दी गई, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


25 जुलाई से प्रस्तावित सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन अध्यक्ष या प्रभारी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के कारण परीक्षा कराना फिलहाल संभव नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा स्थगित होने से दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। वहीं, आयोग के भीतर मतभेदों की भी चर्चा है। खबर के अनुसार, पीटी परिणाम जारी करने सहित कई फैसलों में आयोग के सदस्यों को अलग रखे जाने से असंतोष बढ़ा। विवादों के दायरे में 2025 और 2026 में आयोजित JET, सिविल सेवा, एपीपी, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और सहायक वन संरक्षक भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।


