खादी की विरासत से रूबरू हुए छात्र, पारंपरिक हुनर ने जीता दिल



जमशेदपुर : आर्का जैन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने खादी की समृद्ध विरासत, उसके इतिहास और निर्माण प्रक्रिया को करीब से समझने के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रों ने खादी उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं, सूत कातने से लेकर कपड़ा तैयार होने तक की पूरी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और स्वदेशी परंपरा के महत्व को जाना।भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को खादी के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी। छात्रों ने पारंपरिक शिल्प, कारीगरों की कार्यशैली और आत्मनिर्भरता से जुड़े मूल्यों को भी समझा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय विरासत, संस्कृति और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना है।




