CBI जांच पर अड़े छात्र, सरकार से बैठक में फंसा पेंच; JPSC-JSSC सुधार पर बनी सहमति

रांची :झारखंड में JPSC छात्र आंदोलन के बीच छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार की बैठक तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली, लेकिन जांच एजेंसी को लेकर गतिरोध बना रहा। छात्र TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग पर कायम हैं, जबकि सरकार ने मामले की जांच राज्य की CID से कराने का भरोसा दिया है। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी जरूरी है। उनका तर्क है कि TDPL का मुख्यालय लखनऊ में है, जबकि परीक्षा से जुड़ी प्रिंटिंग व्यवस्था दूसरे स्थान पर है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।बैठक में JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनी है। इसके लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें IIT, XISS और ISM जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ कुछ बुद्धिजीवियों को शामिल किए जाने की बात है। यह समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी और रिपोर्ट तैयार करते समय छात्रों से भी चर्चा करेगी। हालांकि, सुधार के मुद्दे पर सहमति बनने के बावजूद CBI बनाम CID का मुद्दा अब भी सबसे बड़ा अड़ंगा बना हुआ है।सरकार का कहना है कि CID मामले की गंभीरता से जांच करेगी और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी, लेकिन छात्र CBI जांच की मांग छोड़ने को तैयार नहीं हैं। बैठक तीन घंटे से अधिक चलने के बाद भी कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। अब यह देखना बाकी है कि जांच एजेंसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति बनती है या छात्र CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखते हैं।




