अरका जैन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एवं स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज के छात्रों ने समझी चेंजोरा जनजातीय गांव की संस्कृति और पारंपरिक कला।



जमशेदपुर: स्टूडेंट्स इंडक्शन प्रोग्राम के तहत अरका जैन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एवं स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज ने राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई (एनएसएस सेल) और भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र (सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम्स-सीआईकेएस) के सहयोग से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चेंजोरा जनजातीय गांव का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जनजातीय संस्कृति, परंपरा, विरासत और पारंपरिक कला से परिचित कराना था।


भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पैतकर चित्रकला कार्यशाला में भाग लिया और इस पारंपरिक कला की बारीकियों को समझा। विद्यार्थियों ने जनजातीय संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहां उन्हें जनजातीय जीवन, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इस अवसर पर डॉ. राहुल अमीन, डीन, स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एवं हेड, डिपार्टमेंट ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन ने कहा, “इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को किताबों और कक्षा से बाहर निकलकर हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति एवं विरासत को करीब से समझने का अवसर देते हैं। पैतकर चित्रकला और जनजातीय परंपराओं से परिचय विद्यार्थियों के ज्ञान को समृद्ध करेगा।”
वहीं, डॉ. मनोज कुमार पाठक, प्रोग्राम ऑफिसर, एनएसएस एवं कोऑर्डिनेटर, सीआईकेएस ने कहा, “भारतीय ज्ञान परंपरा और जनजातीय संस्कृति को समझने के लिए प्रत्यक्ष अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है। चेंजोरा गांव का यह भ्रमण विद्यार्थियों को हमारी पारंपरिक कला, संस्कृति और जीवन-पद्धति से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल है।”
कार्यक्रम का समापन पारंपरिक जनजातीय नृत्य के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और जनजातीय परंपराओं को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अनुभवात्मक शिक्षा का महत्वपूर्ण अवसर रहा, जिससे उन्हें भारतीय जनजातीय संस्कृति और विरासत को करीब से समझने का अवसर मिला।


