बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, महिला कैदी की गर्भावस्था केस में जांच तेज

रांची : बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में एक महिला बंदी की गर्भावस्था से जुड़े मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस संवेदनशील प्रकरण में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। मामला जेल परिसर के भीतर कथित यौन शोषण और उससे जुड़ी परिस्थितियों से संबंधित बताया जा रहा है, जिसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, आरोप है कि जेल के अंदर महिला बंदी के साथ यौन शोषण की घटना हुई, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठे हैं और जांच एजेंसियों ने विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल शुरू कर दी है। अदालत ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
फिलहाल हाईकोर्ट की निगरानी में जांच आगे बढ़ रही है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की जा रही है। जेल प्रशासन और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।


