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न्‍यूयॉर्क: आकाश में उड़ते विमानों के लिए सूर्य की किरणें अब एक अनजान दुश्मन बन गईं हैं. बीती 30 अक्‍टूबर को जेटब्‍लू एयरलाइंस की न्‍यूयॉर्क जा रही फ्लाइट को सूर्य से निकलने वाली सोलर रेडि‍एशन ने ताजा झटका दिया है. इस झटके की वजह से फ्लाइट पिच डाउन हुई और 15 पैसेंजर घायल हो गए. इस घटना के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है. जांच में पता चला कि यह समस्या एलीवेटर एंड एइलरॉन कंप्यूटर (ELAC) से जुड़ी है, जो विमान की पिच और रोल को कंट्रोल करता है.इस घटना के बाद पहले यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) और फिर डायरेक्‍टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने इमरजेंसी एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव जारी कर प्‍लेन्‍स को अगली उड़ान से पहले अपडेट करने का निर्देश दिया है. एयरबस ने 6,000 से अधिक A320 प्‍लेन्‍स के सॉफ्टवेयर को अपडेट करना शुरू कर दिया है. पुराने मॉडल्स में हार्डवेयर बदलाव भी जरूरी हो सकता है, जिसमें कुछ घंटों से लेकर दिनों तक का समय लग सकता है. भारत में इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 200-250 उड़ानें प्रभावित हुई हैं.

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