RTE दाखिले के नियमों में बदलाव की तैयारी, आय सीमा 72 हजार से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव

जमशेदपुर : झारखंड में निजी स्कूलों की RTE के तहत 25% आरक्षित सीटों पर दाखिले का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। राज्य सरकार सालाना आय सीमा को 72 हजार से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमावली लागू होने के बाद निर्धारित शर्तों के तहत 2.5 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों के बच्चे निजी स्कूलों में नि:शुल्क दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्रस्तावित नियमावली तैयार कर कार्मिक एवं वित्त विभाग को मंजूरी के लिए भेजा है। दोनों स्तरों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे राज्य में लागू किया जाएगा।


नई नियमावली में गरीब एवं अभिवंचित वर्ग की पात्रता का दायरा भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। विधवा महिलाओं और पति द्वारा छोड़ी गई ऐसी महिलाओं के बच्चों को भी पात्र श्रेणी में शामिल करने की तैयारी है, जो स्वयं अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। दाखिले के लिए राज्य स्तरीय केंद्रीकृत पोर्टल बनाया जाएगा, जिसके जरिए आवेदन और लॉटरी की प्रक्रिया होगी। आवेदनों की जांच जिला स्तर पर होगी और डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी इसकी निगरानी करेगी। प्रमंडल स्तर पर आरडीडीइ को आरक्षित सीटें खाली न रहने और पात्र बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी होगी। ऑफलाइन आवेदन के लिए प्रखंड स्तर पर बीइइओ को जिम्मेदारी दी जाएगी और अभिभावकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाया जाएगा।
नई व्यवस्था में निजी स्कूलों को सत्र शुरू होने से तीन माह पहले पोर्टल पर प्रवेश स्तर और अलग-अलग कक्षाओं में उपलब्ध सीटों की संख्या बतानी होगी। स्कूलों को कक्षावार फीस और फीस निर्धारण कमेटी के सदस्यों की जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी। फिलहाल RTE के तहत सरकार निजी स्कूलों को प्रति छात्र सालाना 5,100 यानी 425 प्रति माह देती है। आने वाले सत्र से इस राशि को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन नई राशि पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। एसपीडी की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी इस पर फैसला करेगी। प्रस्तावित नियमावली तैयार करने में सुप्रीम कोर्ट के 13 जनवरी 2026 के दिनेश बिवाजी अष्टिकर बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य मामले (SLP Civil No. 10105/2017) के निर्देशों और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वर्ष 2022 में जारी RTE एक्ट की धारा 12(1)(c) के क्रियान्वयन संबंधी एसओपी को आधार बनाया गया है।


