अब बैटरी चालित सैगवे से गश्त करेंगे आरपीएफ जवान, यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी होगी तेज

जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान जल्द ही बैटरी चालित सैगवे से गश्त करेंगे। दक्षिण पूर्व जोन आरपीएफ ने खड़गपुर में इस व्यवस्था का ट्रायल किया है। अब टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल को भी यात्री सुरक्षा के लिए सैगवे उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे सुरक्षाकर्मी कम समय में प्लेटफॉर्म के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच सकेंगे और बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांग यात्रियों को जरूरत पड़ने पर सहायता दे सकेंगे।


सैगवे की रफ्तार 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक होती है। इसके इस्तेमाल से भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर जवान 10 मिनट की दूरी महज 2 मिनट में तय कर सकेंगे। बैटरी से चलने वाली इस गाड़ी की आवाज बेहद कम होती है और इससे पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। सैगवे पर खड़े होकर जवान दूर तक नजर रख सकेंगे, जिससे संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
चक्रधरपुर मंडल आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट ए नवीन प्रसात ने बताया कि टाटानगर स्टेशन के लिए कई अन्य सुरक्षा योजनाओं पर भी काम शुरू किया गया है। बिहार के कटिहार स्टेशन पर जनवरी 2026 से आरपीएफ जवान सैगवे से गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा विशाखापत्तनम, मुंबई, चेन्नई, गोवा और अहमदाबाद समेत अन्य बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी यात्री सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, जागरूकता और सहायता के लिए सैगवे का इस्तेमाल किया जा रहा है।


