दो साल से जर्जर भवन में पढ़ रहीं 623 छात्राएं, सुरक्षित जगह नहीं मिलने से अटका निर्माण

जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित गर्ल्स हाई स्कूल की 623 छात्राएं ऐसे भवन में पढ़ाई कर रही हैं, जिसे भवन निर्माण विभाग ने 3 अगस्त 2024 को जर्जर घोषित कर दिया था। भवन को तोड़कर उसकी जगह 11 कमरों वाला नया स्कूल बनाने की योजना है, लेकिन छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए वैकल्पिक स्थान नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। स्कूल की बाहरी स्थिति सामान्य दिखाई देती है, जबकि अंदर कई हिस्सों की हालत खराब है। भूतल पर एक कमरे की छत से बारिश के दौरान पानी टपकता है और लोहे की छड़ें बाहर निकल आई हैं। पहले छत का प्लास्टर भी गिर चुका है, जिसके कारण उस कमरे को बंद कर ताला लगा दिया गया है।


मामला शिक्षा विभाग के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुंच चुका है। छात्राओं की कक्षाएं संचालित करने के लिए जुगसलाई नगर परिषद के विवाह मंडप को वैकल्पिक स्थान के रूप में चिह्नित किया गया था। वहां दो तल पर स्कूल चलाने की पर्याप्त जगह है, लेकिन भवन के अन्य हिस्सों में गतिविधियां जारी रहने से बाहरी लोगों की आवाजाही की आशंका है। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल वहां स्कूल स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दी है। वहीं, स्कूल की प्रधानाध्यापक ने मामले में टिप्पणी करने से इनकार किया। बताया गया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को मीडिया से बातचीत नहीं करने का निर्देश दिया है।
डीसी राजीव रंजन ने बताया कि स्कूल भवन की स्थिति प्रशासन के संज्ञान में है। विवाह मंडप में कक्षाएं संचालित करने के विकल्प पर विचार किया गया था, लेकिन छात्राओं की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण अन्य स्थानों की तलाश की जा रही है। सुरक्षित परिसर उपलब्ध होते ही स्कूल को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा, ताकि नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।


