शांति, श्रद्धा और जोश के साथ सम्पन्न हुई रामनवमी, जमशेदपुर समेत कई अन्य जिलों में धूमधाम से निकली रामनवमी यात्रा…

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लोक आलोक सेंट्रल डेस्क:7 अप्रैल को रामनवमी का पर्व कोल्हान प्रमंडल के कई जिलों में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जमशेदपुर में जहां एक ओर शहर राममय नजर आया, वहीं दूसरी ओर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। रामभक्तों ने पूरे जोश और ऊर्जा के साथ शोभायात्राएं निकालीं और अंत में बजरंगबली के झंडे को नदी में विसर्जित कर पर्व का समापन किया।

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जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी सहित अन्य घाटों पर भक्तों ने महावीर झंडे का विसर्जन किया। इस दौरान कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक करतब प्रस्तुत किए गए, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया। शहर की सड़कों पर भक्तों के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही – “जय श्रीराम” और “बोल बजरंगबली की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। उपायुक्त विजया जाधव, पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल समेत कई अधिकारी लगातार गश्ती करते नजर आए। कोल्हान के डीआईजी मनोज चौथे स्वयं घाटों का निरीक्षण करते दिखे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त बनी रही।

सभी जिलों में शोभायात्रा और झंडा विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, जिससे प्रशासन और आमजन दोनों ने राहत की सांस ली। रामनवमी के इस पावन अवसर पर हर उम्र के लोगों में उत्साह देखने को मिला, खासकर युवाओं में अद्भुत जोश और श्रद्धा देखने को मिली।

रामनवमी का यह पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी बना रहा। पूरे क्षेत्र में यह संदेश गया कि जब श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के साथ कोई त्योहार मनाया जाता है, तो उसकी छाप लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहती है।

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