जेल के बंदियों को मिलेगी नई आजादी, दिन में बाहर काम और शाम को लौटना होगा!



जमशेदपुर : झारखंड में बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए पहली बार घाघीडीह केंद्रीय कारा में ओपन बैरक शुरू करने की तैयारी है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर जेल प्रशासन ने बंदियों की पूरी जानकारी और केस स्टडी के साथ रिपोर्ट विभाग को भेज दी है। प्रस्ताव के तहत जेल के दो वार्ड को ओपन बैरक बनाया जाएगा, जहां करीब 50 बंदियों को रखा जाना है। चयन जेल प्रशासन की अनुशंसा और बाद में विभाग के वरीय अधिकारियों की समिति करेगी।


ओपन बैरक में अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता बंदियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने अपनी सजा का अधिक समय जेल में पूरा कर लिया है और जिनके खिलाफ मारपीट, विवाद या अनुशासनहीनता की शिकायत नहीं रही है। गंभीर अपराधों में शामिल या फरार होने की आशंका वाले बंदियों को इसमें नहीं रखा जाएगा। चयनित बंदी दिन में मजदूरी या अन्य रोजगार के लिए जेल से बाहर जा सकेंगे, लेकिन शाम को उन्हें वापस लौटना अनिवार्य होगा। काम के लिए जाने से पहले संबंधित कंपनी या संस्थान की पूरी जानकारी जेल प्रशासन को देनी होगी। नियम तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बंदियों को रोजगार का अनुभव, परिवार की आर्थिक मदद और समाज में दोबारा सामान्य जीवन जीने का अवसर देना है।


