सुप्रीम कोर्ट से महादेव उरांव को बड़ा झटका, आदिवासी जमीन मामले में SLP खारिज



रांची : मधुकम के शिव-दुर्गा मंदिर रोड स्थित आदिवासी जमीन पर 50-60 वर्षों से रह रहे 12 गैर-आदिवासी परिवारों के मकान हटाने के मामले में जमीन मालिक महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी स्पेशल लीव पीटिशन (SLP) खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जमीन बेचने के बाद उसी जमीन से लोगों को बेदखल कराने के लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि घटनाक्रम जालसाजी की श्रेणी में आ सकता है और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का संकेत दिया। इसके बाद महादेव उरांव की ओर से SLP वापस लेने का अनुरोध किया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर याचिका खारिज कर दी।


इससे पहले 31 जुलाई 2026 को झारखंड हाईकोर्ट ने 12 परिवारों को राहत देते हुए अतिक्रमण हटाने का पूर्व आदेश वापस ले लिया था और महादेव उरांव पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। यह राशि प्रभावित 12 परिवारों को एक-एक लाख रुपये देने का निर्देश था। सुनवाई में एक करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेनदेन की जानकारी और प्रभावित परिवारों को मूल रिट याचिका में प्रतिवादी नहीं बनाए जाने का तथ्य भी सामने आया था। परिवारों का दावा था कि उन्होंने प्रति डिसमिल 5.25 लाख रुपये की दर से जमीन खरीदी और वहां मकान बनाकर 50-60 वर्षों से रह रहे हैं।


