प्रधानमंत्री मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान, कुल विदेशी सम्मानों की संख्या 36 हुई

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ताशकंद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दरजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया गया। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इसके साथ ही विभिन्न देशों से प्रधानमंत्री मोदी को मिले सर्वोच्च राजकीय सम्मानों की संख्या 36 हो गई है। सम्मान समारोह के बाद दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की और भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने तथा साझा विकास लक्ष्यों पर आगे बढ़ने पर चर्चा की। व्यापार एवं निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर भी सहमति बनी।

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प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। ताशकंद पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया था। उपलब्ध सूची के अनुसार, 2016 से 2026 के बीच 36 देशों ने उन्हें सर्वोच्च या प्रमुख राजकीय सम्मान दिए हैं। इनमें सऊदी अरब का किंग अब्दुलअजीज सैश (2016), अफगानिस्तान का स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान (2016), फलस्तीन का ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फलस्तीन (2018), यूएई का ऑर्डर ऑफ जायद (2019), अमेरिका का लीजन ऑफ मेरिट (2020), रूस का ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल (2024) और भूटान का ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो (2024) शामिल हैं।

वर्ष 2025 में मॉरीशस, श्रीलंका, साइप्रस, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, ब्राजील, नामीबिया, इथियोपिया और ओमान समेत कई देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने प्रमुख राजकीय सम्मानों से सम्मानित किया। वर्ष 2026 में इजराइल ने ‘मेडल ऑफ द नेसेट’, स्वीडन ने ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’, नॉर्वे ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’, स्लोवाकिया ने ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’, सेशेल्स ने ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ और इंडोनेशिया ने ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ प्रदान किया। अब उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान भी इस सूची में शामिल हो गया है।

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