रांची-धनबाद में दूसरे बिजली वितरण लाइसेंसी की संभावना पर चर्चा, अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं

रांची : झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) की राज्य सलाहकार समिति की मंगलवार को हुई बैठक में उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल, तय मानक के अनुसार वोल्टेज, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और शिकायतों का समय पर समाधान उपलब्ध कराने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। हरमू स्थित जेएसईआरसी कार्यालय में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्य (विधि) महेंद्र प्रसाद, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन, आयोग के सचिव आरपी नायक और औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में समय पर सही बिजली बिल देने, गलत बिल में बिना अनावश्यक देरी सुधार करने तथा नये कनेक्शन और अन्य सेवाओं को सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया। औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों ने राज्य में 24×7 विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया।


बैठक में रांची और धनबाद में दूसरे बिजली वितरण लाइसेंसी की संभावना पर भी चर्चा की गयी। इसका उद्देश्य बिजली वितरण क्षेत्र में विकल्प और प्रतिस्पर्धा की संभावना तलाशना है। नियामकीय प्रक्रिया के बाद ऐसी व्यवस्था लागू होने पर उपभोक्ताओं को सेवा गुणवत्ता के स्तर पर विकल्प मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
बैठक में कहा गया कि बिजली नियमन का उद्देश्य केवल बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति को देखना नहीं है। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले, वितरण कंपनियां वित्तीय रूप से सक्षम रहें और बिजली क्षेत्र में निवेश को भी उचित प्रतिफल मिले। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित पक्षों से जानकारी लेने और नियामकीय स्तर पर परीक्षण के बाद आगे उचित कार्रवाई की जायेगी।


