बजट से पहले पीएम मोदी ने दिया बड़ा हिंट


नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है, जो देश की आर्थिक और नीतिगत दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा. बुधवार, 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के सेंट्रल हॉल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित कर सत्र की शुरुआत की.
सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और बजट सत्र के महत्व को रेखांकित किया. पीएम मोदी ने कहा, ‘सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, मुझे विश्वास है कि सांसदों ने उसे गंभीरता से लिया होगा.’ उन्होंने कहा, ‘यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण सत्र है. 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है. यह दूसरे चौथाई की शुरुआत है. ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अहम 25 वर्षों की शुरुआत हो चुकी है.’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह दूसरे क्वाटर का पहला बजट है. निर्मला सीतारमण पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही हैं. यह गौरव का पल है.’ पीएम मोदी ने भारत-EU के बीच हुई फ्री ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष का प्रारंभ एक पॉजिटिव नोट पर हुआ. उन्होंने कहा कि भारत और EU का एग्रीमेंट इस बात की झलक है कि आने वाली दिशाएं कितनी उज्जवल हैं.उन्होंने कहा, ‘हमारे देश के मैन्युफैक्चरर इस अवसर का इस्तेमाल क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे. वो बस इस भाव से ना बैठे रहें कि बहुत बड़ा बाजार खुल गया है और अब हमारा सामान सस्ते में पहुंच जाएगा. यह एक अवसर है इसलिए क्वालिटी पर बल दें. बेस्ट क्वालिटी लेकर बाजार में जाएं. यह EU के 27 देशों के खरीदारों का दिल जीत लेगा. इसका असर लंबे समय तक रहता है. यह प्रोडक्टिव भारत की दिशा में बड़ा कदम है. देश का ध्यान बजट की ओर होना स्वाभाविक है. हमारी सरकार की पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म और अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘देश लॉन्गटर्म पेंडिंग प्रॉब्लम से निकलकर लॉन्गटर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर है और मजबूती के साथ कदम रख रहा है. हमारे सारे फैसले ह्यूमन सेंट्रिक होते हैं. हमारे विरोधी भी मानते हैं कि इस सरकार ने शानदार काम किया है.’




