विद्यालयों में जल एवं स्वच्छता आधारित “वाश टूल कीट” के उपयोग संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

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सरायकेला खरसावां:- समाहरणालय स्थित सभागार में झारखंड शिक्षा परियोजना सरायकेला खरसावां द्वारा स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ बच्चे कार्यक्रम के तहत साफ सफाई एवं स्वच्छता को लेकर प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में विद्यालयों में जल एवं स्वच्छता आधारित “वाश टूल कीट” के उपयोग संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई, इस दौरान वाश रैंकिंग के पांच घाटको शौचालय, हाथ धुलाई, साफ पानी, संचालन एवं रखरखाव तथा व्यवहार परिवर्तन के बारे मे विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बच्चो को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निदेश दिए गए।

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इस दौरान बताया गया कि कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति के लिए स्वच्छता आवश्यक है इसे बच्चो के दिनचर्या में लाया जाए , वही बच्चों को अपने घरों, विद्यालयों मे साफ साफ के प्रति प्रेरित करे।

इस दौरान सभी प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित करते हुए बताया गया कि विद्यालय में स्वच्छता के मानकों के सभी वस्तुएं (वाश टुल) जैसे- पानी, साबुन, हार्पिक, ब्रश, झाड़, नेलकटर, कंगी इत्यादि बच्चो के पहुंच मे हो ताकि बच्चे इसका उपयोग कर सके, प्रशिक्षण क्रम में निर्देशित करते हुए कहा गया कि साफ सफाई एवं स्वच्छता संबंधित कार्यों का निर्वाहन ड्यूटी नहीं कर्तव्य समझकर करे, ताकि विद्यालयों का वातावरण शुद्ध रहे।

प्रशिक्षण के क्रम में एडीपीओ प्रकाश कुमार ने बताया कि स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ बच्चे कार्यक्रम के तहत सभी प्रखंडों में साफ-सफाई, मरम्मती तथा ब्लैक बोर्ड के रंग रोगन हेतु वाहन का संचालन किया जा रहा है इसका सदुपयोग कर अपने अपने विद्यालयों मे आवश्यक कार्यों को पूर्ण करा ले, बताया गया कि यह वाहन जिले के सभी विद्यालयों में भ्रमण कर रही है ताकि सभी विद्यालयों का साफ सफाई, पेयजल सुविधाएं एवं अन्य मरामती के कार्य को पूर्ण किया जा सके।

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समाहरणालय स्थित सभागार में झारखंड शिक्षा परियोजना सरायकेला खरसावां द्वारा स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ बच्चे कार्यक्रम के तहत साफ सफाई एवं स्वच्छता को लेकर प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में विद्यालयों में जल एवं स्वच्छता आधारित “वाश टूल कीट” के उपयोग संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई, इस दौरान वाश रैंकिंग के पांच घाटको शौचालय, हाथ धुलाई, साफ पानी, संचालन एवं रखरखाव तथा व्यवहार परिवर्तन के बारे मे विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बच्चो को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निदेश दिए गए।

इस दौरान बताया गया कि कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति के लिए स्वच्छता आवश्यक है इसे बच्चो के दिनचर्या में लाया जाए , वही बच्चों को अपने घरों, विद्यालयों मे साफ साफ के प्रति प्रेरित करे।

इस दौरान सभी प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित करते हुए बताया गया कि विद्यालय में स्वच्छता के मानकों के सभी वस्तुएं (वाश टुल) जैसे- पानी, साबुन, हार्पिक, ब्रश, झाड़, नेलकटर, कंगी इत्यादि बच्चो के पहुंच मे हो ताकि बच्चे इसका उपयोग कर सके, प्रशिक्षण क्रम में निर्देशित करते हुए कहा गया कि साफ सफाई एवं स्वच्छता संबंधित कार्यों का निर्वाहन ड्यूटी नहीं कर्तव्य समझकर करे, ताकि विद्यालयों का वातावरण शुद्ध रहे।

प्रशिक्षण के क्रम में एडीपीओ प्रकाश कुमार ने बताया कि स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ बच्चे कार्यक्रम के तहत सभी प्रखंडों में साफ-सफाई, मरम्मती तथा ब्लैक बोर्ड के रंग रोगन हेतु वाहन का संचालन किया जा रहा है इसका सदुपयोग कर अपने अपने विद्यालयों मे आवश्यक कार्यों को पूर्ण करा ले, बताया गया कि यह वाहन जिले के सभी विद्यालयों में भ्रमण कर रही है ताकि सभी विद्यालयों का साफ सफाई, पेयजल सुविधाएं एवं अन्य मरामती के कार्य को पूर्ण किया जा सके।

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